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छत्तीसगढ़ की एक और उपलब्धि, कुपोषण मुक्ति की इस्निप परियोजना को मिला पुरस्कार

Created at - May 24, 2018, 9:59 pm
Modified at - May 24, 2018, 9:59 pm

रायपुर। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और विश्व बैंक ने कुपोषण मुक्ति अभियान में छत्तीसगढ़ को शानदार उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। प्रदेश सरकार को यह पुरस्कार इस्निप परियोजना के लिए मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू ने इस उपलब्धि पर इस्निप परियोजना में शामिल जिलों की जनता को और वहां के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बधाई दी है।

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में आज छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग को इस पुरस्कार से नवाजा गया। केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव राकेश श्रीवास्तव और विश्व बैंक की प्रेक्टिस मैनेजर रेखा मेनन के हस्ताक्षर से आज के समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। 

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महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस्निप परियोजना विश्व बैंक की सहायता से एकीकृत बाल विकास सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और पोषण की स्थिति को सुधारने के लिए छत्तीसगढ़ के 27 में से 17 जिलों में विगत चार वर्षों से (वर्ष 2014 से) चल रही है। यह पुनर्गठित परियोजना जून 2018 तक चलेगी। इस परियोजना में राज्य के महासमुन्द, कोरबा, दुर्ग, कवर्धा, जशपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, रायपुर, बेमेतरा, बालोद, सुकमा, कोण्डागांव, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इन चयनित जिलों की 134 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 682 आंगनबाड़ी केंद्रों में इस्निप परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इस्निप परियोजना के तहत बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।

वेब डेस्क, IBC24


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