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वित्त और सिंचाई मंत्रालय पर रार, कुमारस्वामी पहुंचे कांग्रेस से बातचीत करने

Created at - May 28, 2018, 4:44 pm
Modified at - May 28, 2018, 4:44 pm

नई दिल्ली। कर्नाटक में राजनीतिक उठापठक के बाद कांग्रेस और जेडीएस की सरकार के एचडी कुमारस्वामी सीएम तो बन गए लेकिन 5 दिन बाद भी उनके केबिनेट की रुपरेखा तैयार नहीं हो सकी है। इस पर अब तक विचार विमर्श जारी है। केबिनेट में विभागों के बंटवारे पर चर्चा के लिए कुमारस्वामी सोमवार को दिल्ली पहुंचे। यहां पहुंचकर वे राजघाट गए और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बताया जा रहा है कि मामला गृह-वित्त और अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय पर अटका हुआ है। कांग्रेस चाहती है कि ये मंत्रालय उसके पास रहें जबकि जेडीएस की चाहत है कि वित्त कुमारस्वामी ही रखें।

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हालांकि सूत्रों की मानें तो तय फॉर्मूले के अनुसार पीडब्ल्डी और कृषि जेडीस के खाते में दिए जाने का तय किया गया है। वहीं कांग्रेस अपने आप को केबिनेट में पावर सेंटर के रुप में देखना चाहती है इसलिए वित्त, गृह, ऊर्जा, सिंचाई और ग्रामीण मंत्रालय खुद रखना चाह रही है। लेकिन दोनों दलों के बीच मुख्य मुद्दा वित्त और सिंचाई का है, ये दोनों जेडीएस अपने खाते में देखना चाह रही है।

इधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के इलाज के लिए विदेश चले गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं से कुमारस्वामी की चर्चा होनी है। लेकिन माना जा रहा है कि फाइनल निर्णय तो राहुल गांधी के लौटने के बाद ही होगा।

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बता दें कि मंत्रियों की संख्या के तय हुए फॉर्मूले के हिसाब से कर्नाटक केबिनेट में 21 मंत्री कांग्रेस के और के 11 मंत्री जद(एस) के रहेंगे।

वेब डेस्क, IBC24


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