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तीन दिनों तक ट्रेन के टॉयलेट में सफर कर रही थी लाश, रेलवे अनजान और परिजन परेशान

Created at - May 29, 2018, 3:34 pm
Modified at - May 29, 2018, 3:34 pm

पटना। भारतीय ट्रेन में लापरवाही के अक्सर मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन ये जो मामला है वो अफसरो,कर्मिचारियों की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। ट्रेन के टॉयलेट में यात्री की मौत हो जाती है। टॉयलेट से बदबू आने के बावजूद रेलवे का कोई भी कर्मी 72 घंटे तक उस टॉयलेट में झाकने का जहमत नहीं उठाते। 

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ये है पूरा मामला

कानपुर के रहने वाले संजय अग्रवाल आगरा जाने के लिए 24 मई को पटना-कोटा एक्सप्रेस में सवार होते हैं। आखिरी बार पत्नी से सुबह बात भी होती है। लेकिन उसके बाद संजय का नंबर कवरेज से बाहर हो जाता है। ट्रेन अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाती है। संजय के लिए परेशान परिजन पुलिस और रेलवे के दफ्तर के चक्कर काटते फिर रहे होते हैं। इसबीच ट्रेन के कोटा पहुंचने पर अधिकारियों का बयान आता है कि रेलवे में संजय नहीं है। 

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ट्रेन आगे सफर पर निकल जाती है। 72 घंटे बाद यात्रियों को टॉयलेट से बदबू आने लगती है। यात्रियों की शिकायत पर ट्रेन का टॉयलेट जब तोड़ा गया। तो यात्री दंग हो जाते हैं। ट्रेन में कोई और संजय की लाश थी जो 72  घंट तक टॉयलेट में सफर कर रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक संजय की हॉर्टअटैक की वजह से मौत हो गई थी। रेलवे के अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही से लाश 72 घंटे तक एक शहर से दूसरे शहर सफर कर रही थी। 72 घंटे बाद परेशान परिजनों को संजय की मौत की खबर लगती है। 

 

वेब डेस्क, IBC24


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