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मध्यप्रदेश समेत 22 राज्यों में आज किसान आंदोलन, 12 सौ लोगों को नोटिस

Created at - June 1, 2018, 8:53 am
Modified at - June 1, 2018, 8:53 am

भोपाल। आज से 10 जून तक मध्यप्रदेश समेत देश के 22 राज्यों में किसान आंदोलन शुरू हो रहा है. बतादें, कि किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में हिंसा भड़क उठी थी. जिसमें 6 किसान पुलिस की गोली का शिकार बने थे. कर्ज माफी समेत 4 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से किसान आंदोलन पर हैं. किसानों की प्रमुख मांगें हैं, कि देश के किसानों का संपूर्ण ऋण माफ किया जाए.

साथ ही फल, सब्जी, दूध के दाम भी लागत के आधार पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर तय किए जाएं. आज से फल, दूध, सब्जी की आवक गांवों से शहर में बंद कराया जाएगा. वहीं 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी को लेकर मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देंगे. तो 10 जून को दोपहर 2 बजे तक पूरा भारत बंद कराया जाएगा. इधर आंदोलन को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। PHQ से ही किसान आंदोलन की मॉनिटरिंग की जाएगी..ताकि पिछली बार की तरह कोई अप्रिय घटना ना घटे.

किसान संगठनों की अपील- शांतिपूर्ण ढंग से होगा आंदोलन

आज से शुरू हो रहे किसान आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा। इसके लिए सभी संगठनों ने एक मत होकर आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने की बात कही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चाक चौबंद सुरक्षा की तैयारी की है.. उम्मीद जताई जा रही की आंदोलन के दौरान शान्ति रहेगी। जिला प्रशासन पूर्ण तरह से अलर्ट हे। जगह जगह चेक पॉइंट बनाए गए है।

हाईवे पर हर आने जाने वाले शख्स पर नजर रखी जा रही है किसान आंदोलन के दौरान उपद्रव जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने दस फ़ोर्स टुकड़ियों की मांग की है। फिलहाल जिले भर में 5 टुकड़ियों की तैनाती की गई है. संवेदनशील इलाको में जिले भर में 200 सीसीटीवी लगाए गए हैं , वहीं 20 ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया गया हैं। जिले को 20 अलग अलग जोन में बांटा गया है। इनमें 10 मोबाइल जोन भी बनाए गए हैं। हर जोन के अधिकारी पल पल की जानकारी अपडेट करेंगे। पिछले साल हुए किसान आंदोलन के सीख लेते हुए पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था की है। वहीं किसान संगठनों ने भी शांतिपूर्ण आंदोलन की बात स्वीकारी है।

आज से शुरू हो रहे किसानों के देशव्यापी आंदोलन को लेकर एमपी पुलिस अलर्ट मोड पर है। हिंसा होने का इनपुट मिलने के बाद खासकर मंदसौर समेत पूरे मालवा-निमाड़ में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए है. इधर किसान आंदोलन की आड़ में सियासत भी जमकर हो रही है. सत्ताधारी दल हर स्तर पर किसानों के आंदोलन और 6 जून को होने वाली राहुल गांधी की सभा को फ्लॉप करने में जुटा है. तो वहीं कांग्रेस राहुल की सभा और किसान आंदोलन के समर्थन में खड़ी है. 

पिछले साल आंदोलन में 6 किसानों की मौत हुई थी

पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में हिंसा भड़क उठी थी। 6 किसान पुलिस की गोली का शिकार बने थे. अब एक बार फिर किसान आंदोलन पर आमादा है. कर्ज माफी समेत 4 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 जून से 10 जून तक देशव्यापी आंदोलन करने जा रहे है. इसी बीच 6 जून को मंदसौर में गोलीकांड की पहली बरसी पर राहुल गांधी की सभा होनी है. जिसमें हार्दिक पटेल भी शामिल हो सकते है. इधर किसान विरोधी होने का आरोप झेल रही भाजपा सरकार के लिए किसान आंदोलन और राहुल की सभा किसी सिरदर्द से कम नहीं है. लिहाजा मंदसौर-नीमच समेत पूरे मालवा-निमाड़ में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए है। 

दरअसल बीजेपी सरकार को किसान आंदोलन के दौरान उपद्रव और हिंसा आशंका है. इसलिए खुद सीएम शिवराज सिंह ने बुधवार को मंदसौर जाकर किसानों से शांति की बनाए रखने की अपील की. वहीं भोपाल आए केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों के लिए किए काम को लेकर शिवराज की तारीफ की. दोनों ही नेताओं ने कांग्रेस पर किसानों को बरगलाने और राजनीति करने का आरोप लगाया.

इधर कांग्रेस ने सत्ताधारी दल के तमाम आरोपों से इंकार कर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है. कि सरकार जोर जबरदस्ती कर किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.  एक तरफ किसान आंदोलन पर आमादा है और दूसरी तरफ मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर राहुल की सभा. जाहिर है शिवराज सरकार परेशान है। चूंकी ये चुनावी साल है लिहाजा सरकार इस कोशिश में है कि किसी तरह किसानों का गुस्सा शांत कराया जाए। तो वहीं कांग्रेस भी किसानों का रहनुमा बनने की जुगत में है.

पुलिस की तैयारी, 12 सौ लोगों को नोटिस

किसान आंदोलन के दौरान उपद्रव और हिंसा की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है. दरअसल पुलिस को इनपुट मिला है. किसान आंदोलन में हिंसा हो सकती है. पुलिस अधिकारियों का कहना है. कि जैसे जैसे आंदोलन बढ़ता है.वैसे वैसे परिस्थितियां बदलती है. हाइवे से सटे गांव में किसान अचानक एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन कर सकते है. पुलिस ने 11 किसान संगठन को चिन्हित कर शांति की अपील की है. आइए सुरक्षा व्यवस्था पर एक नजर डालते है. पुलिस मुख्यालय से किसान आंदोलन की पूरी मॉनिटरिंग होगी. मालवा-निमाड़ समेत प्रदेशभर में कड़ी चौकसी बरती जा रही है.

खासकर मंदसौर में 15 हजार जवानों की तैनाती की गई है. रिजर्व फोर्सेस की 3 कंपनियां भी मंदसौर में तैनात की गई है. लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ने के मद्देनज़र पुलिस मुख्यालय CRPF की कंपनियों की भी मदद लेगा। इधर नेशनल और स्टेट हाइवे पर पुलिस की पेट्रोलिंग जारी है. जांच नाके बनाए गए. हिंसा की आशंका के चलते मंडियों और सड़क किनारे बसे गांवों में पुलिस खास अलर्ट पर है. प्रदेश के 18 जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है. 10 दिनों तक अफसरों और जवानों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई है. पुलिस और प्रशासन की तरफ से अब तक 12 सौ लोगों को प्रतिबंधात्मक नोटिस जारी किए हैं. साथ ही 25 हजार रुपये तक के बांड भरवाए गए हैं.

 

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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