थायराइड का योग द्वारा उपचार

Reported By: Renu Nandi, Edited By: Renu Nandi

Published on 04 Jun 2018 01:54 PM, Updated On 04 Jun 2018 01:54 PM

रायपुर। इन दिनों थायराइड  एक आम बीमारी हो गयी है हर दस में से दो व्यक्ति थायराइड से ग्रसित है। लेकिन आपको बता दें कि इस बीमारी का समाधान योग से निकाला जा सकता है। कुछ खास चुनिंदा योग करने से इसके उपचार में प्राकृतिक रूप से बहुत सहायता मिलती हैl इसीलिए हम बता रहे है कुछ खास योगा जो आपको थायराइड  से आराम दिलाएंगे।लेकिन इन सब योग क्रिया को करने से पहले एक बार आप अपने डाक्टर से सलाह जरूर ले लें। 

 सर्वांगासन - थायराइड में सर्वांगासन को बहुत महत्तवपूर्ण बताया गया है, क्योकि इस आसन की विभिन्न मुद्राओ  के दौरान पड़ने वाले दबाव थाइरोइड ग्रंथियों को निर्विघ्ऩ रूप से कार्य करने में मदद करता है तथा दिमाग में पाये जाने वाली ग्रंथियों को भी सही तरीके से कार्य करने में सहायता करता है।

 

जनु शीर्षासन -इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप भूमि पर बैठकर टांगों को सीधा मिलाकर रखें।उसके बाद किसी एक पैर को हाथ से लेकर उसकी एड़ी को गुदा  के मध्य भाग में लगाएं। पैर को कैंची  बना कर पकड़े और सिर को झुकाकर उस टांग का स्पर्श करें।

मत्स्यासन-इस आसन में सबसे पहले पदमासन की मुद्रा में बैठें। दायीं टांग को बायीं टांग की जड में टिका दें। फिर बायीं टांग मोड़कर एड़ी दायीं टांग की जड़ में टिका दें। पीठ के बल लेट जाएं।फिर कंधो से कमर तक का भाग ऊपर रहे। सीना भी ऊपर की ओर उभरा रहे। दायें हाथ से बायें पैर का अंगूठा और बायें हाथ से दाहिने पैर का अंगूठा पकड़े रहें।ये सुनिश्चित कर ले की सारा शरीर सिर और नितंब पर टिक जाना चाहिए। अब घुटनों को जमीन पर लगाने की कोशिश करें।

थायराइड के अलावा अन्य रोगों में लाभ

गले की बीमारियां दूर करने में सहायक। योगासन की यह क्रिया गले की बीमारियां ठीक करने के साथ-साथ फेफडों में व्याप्त संक्रमण को भी ठीक करती है। गर्दन और बाजुओं की जकडन को दूर करता है। इस आसन को करने से थायराइड और पैरा थायराइड की ग्रंथियां बहुत लाभदायक स्थिति में पहुंच जाती हैं।

 

 

 

 

 

वेब डेस्क IBC24

Web Title : Yoga For Thyroid:

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