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जनता मांगे हिसाब: बेरोजगारी और उद्योग की कमी से जूझ रहा आरंग

Created at - June 5, 2018, 4:28 pm
Modified at - June 5, 2018, 4:28 pm

जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की आरंग विधानसभा सीट से...सियासी बिसात और मुद्दों की बात करें इससे पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर.

रायपुर जिले में आती है विधानसभा सीट

प्रदेश की बड़ी विधानसभा सीटों में शामिल

आरंग ब्लॉक के अलावा नया रायपुर का एक बड़ा हिस्सा शामिल

1 नगर पालिका और 1 जनपद पंचायत भी विधानसभा में शामिल

जनसंख्या- 2 लाख 67 हजार 715

कुल मतदाता-1 लाख 91 हजार 760

पुरुष मतदाता- 98 हजार 112

महिला मतदाता- 93 हजार 648

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी कब्जा

नवीन मार्कण्डेय हैं बीजेपी विधायक

आरंग विधानसभा की सियासत

आरंग विधानसभा में बीजेपी की पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है, वो इसलिए क्योंकि वर्तमान में तो बीजेपी का कब्जा इस सीट पर है ही 2003 में भी बीजेपी के संजय ढीढी ने जीत दर्ज की थी..हालांकि 2008 में जरुर कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया। ज्यादातर इस सीट पर कमल ही खिलता आया है...अब चुनाव नजदीक हैं तो सियासी हलचल भी तेज हो गई है ।

बीजेपी का गढ़ मानी जाती है आरंग विधानसभा..सियासी इतिहास में झांकें तो जनसंघ के जगमोहन दास और कन्हैया लाल कोसरिया विधायक रहे..1977 में जनता पार्टी के रतन दास सोनवानी विधायक चुने गए... . इसके बाद विजय गुरु ने कांग्रेस का खाता खोलते हुए लगातार दो बार जीत दर्ज की. लेकिन बीजेपी के गंगू राम बघेल ने विजय गुरु को हराते हुए फिर से बीजेपी की वापसी कराई और लगातार 3 बार विधायक रहे...2008 में विजय गुरु के बेटे रूद्र गुरु ने एक बार फिर कांग्रेस की वापसी कराई लेकिन 2013 के चुनाव में बीजेपी के नवीन नवीन मार्कण्डेय से हार गए।

अब एक बार फिर चुनाव होने वाले हैं तो चुनावी बिसात बिछनी शुरु हो गई है...इसके साथ ही टिकट के दावेदार भी सामने आने लगे हैं...कांग्रेस की बात करें तो पूर्व विधायक रूद्र गुरु सबसे प्रबल दावेदार हैं..इसके अलावा नारायण कुर्रे और वेदराम मनहरे भी दावेदार हैं...बीजेपी में दावेदारों की लिस्ट लंबी है जिसमें वर्तमान विधायक नवीन मार्कण्डेय सबसे प्रबल दावेदार हैं...इसके अलावा पूर्व विधायक संजय ढीढी और खुशवंत गुरु भी टिकट की दौड़ में हैं..बीजेपी कांग्रेस की तरह ही JCCJ भी दावेदारों की लाइन लगी है...जिसमें  पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानन्द जांगड़े और पप्पू बघेल का नाम सबसे आगे है ।

आरंग के मुद्दे

सियासी दौड़ में भले आगे नजर आता हो आरंग लेकिन विकास की दौड़ में है पीछे...विधानसभा में जहां तक नजर जाती है अलग-अलग समस्याएं दिखाई देती हैं । आरंग विधानसभा में विकास के रंग बेरंग नजर आते हैं...समस्याएं एक नहीं कई हैं जिनमें से एक है बेरोजगारी..उद्योगों की कमी के चलते लोग पलायन को मजबूर हैं...इसके अलावा विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते आए हैं...आरंग नगर पालिका में फायर ब्रिगेड गाड़ी की मांग भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है.

स्कूली शिक्षा तो बदहाल है ही उच्च शिक्षा की भी स्थिति ठीक नहीं है पूरी विधानसभा में केवल एक महाविद्यालय है...तो वहीं स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं. हालत ये कि अस्पताल आज भी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं... इसके अलावा नया रायपुर में ग्रामीणों को जमीन के बदले अब तक ना मुआवजा मिल पाया है और नहीं विस्थापन..गांवों में हाथियों के आतंक से भी लोग परेशान हैं..हाथी रोज किसानों की फसलों को चौपट कर रहे हैं..विधानसभा में कस्बों से लेकर गांवों तक पेयजल संकट से भी जूझ रही है जनता ।

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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