रायपुर News

’रमन के गोठ’ की 34वीं कड़ी का प्रसारण

Created at - June 10, 2018, 12:35 pm
Modified at - June 10, 2018, 12:36 pm

रायपुर। रमन के गोठ की 34वीं कड़ी का प्रसारण हुआ। रमन के गोठ में मुख्यमंत्री ने विकास यात्रा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए विकास ऐलानों का जिक्र किया। 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही जर्नादन होती है। जनता हमें इसलिए चुनती है कि हम उनकी समस्याओं को, उनकी जरूरतों को लगातार समझें और समाधान करें। डॉ. सिंह आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से अपनी मासिक रेडियोवार्ता रमन के गोठ की 34वीं कड़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आज की रेडियोवार्ता को राज्य में चल रही विकास यात्रा पर विशेष रूप से केन्द्रित किया। उन्होंने कहा-विकास यात्रा के दौरान लोकार्पण, शिलान्यास और सामग्री वितरण के साथ समूची विकास प्रक्रिया की भी समीक्षा हो रही है। इस प्रक्रिया से लोगों में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है, जो हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। विगत 33 कड़ियों की तरह ’रमन के गोठ’ की 34वीं कड़ी को भी आज राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों के गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों ने उत्साह के साथ सुना।

विकास यात्रा में अब तक सात नई तहसीलों और
दो नगर पंचायतों के गठन की घोषणा

डॉ. सिंह ने कहा- इस यात्रा के दौरान किसानों की और स्थानीय लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है, वहीं विगत 12 मई से जारी प्रदेश व्यापी विकास यात्रा में स्थानीय जनता की मांग पर अब तक सात नई तहसीलों-भटगांव, लवन, गंडई, रेंगाखार, शिवरीनारायण, चिरमिरी और देवकर के गठन की घोषणा की गई है। साथ ही पामगढ़ और सरसीवां को भी नगर पंचायत बनाने की घोषणा हुई है। इससे वर्षो से उपेक्षित ये कस्बे अब अपनी एक नई पहचान बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा-प्रदेश की दस हजार या उससे ज्यादा जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा-प्रदेश में वर्ष 2003 में सिर्फ 76 हजार किसानों के पास सिंचाई पम्प कनेक्शन थे, जिसे हमने बढ़ाकर चार लाख 80 हजार से भी ज्यादा कर दिया है। इसके अलावा राज्य सरकार की सौर-सुजला योजना में भी अब तक 36 हजार किसानों के खेतों में सोलर सिंचाई पम्प लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष के अंत तक इसे 51 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा-जो सिंचाई पम्प बिजली से चलते हैं, उनके लिए राज्य सरकार के खजाने से लगभग 2100 करोड़ रूपए खर्च किए जाते हैं। इसलिए निःशुल्क या रियायती बिजली आपूर्ति के बदले राज्य सरकार बिजली कम्पनी को जो राशि बिजली बिल के रूप में देती है, वह धान के बोनस से भी ज्यादा है।
अब एक से ज्यादा सिंचाई पम्पों पर भी मिलेगी रियायती बिजली
    डॉ. सिंह ने रेडियो श्रोताओं को बताया कि विकास यात्रा के दौरान किसान भाईयों ने निःशुल्क और रियायती बिजली को लेकर कुछ और सुविधाओं की मांग की थी, जिसे मैंने स्वीकार करते हुए तत्काल निर्णय लिया, जिससे किसानों को रियायती बिजली की मिल रही सुविधा का दायरा और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में प्रदेशवासियों और विशेष रूप से किसानों को बताया कि इस फैसले के अनुसार एक से ज्यादा सिंचाई पम्प पर भी बिजली की रियायती दर का लाभ मिलेगा, पांच हार्सपावर से ज्यादा के पम्पों को भी इसका फायदा मिलेगा। प्रचलित व्यवस्था में सिंचाई के लिए साल भर में अधिकतम 7500 यूनिट तक निःशुल्क बिजली दी जाती है, लेकिन इसके लिए वर्ष के प्रारंभ में निःशुल्क बिजली अथवा फ्लैट रेट का विकल्प देना पड़ता था। अब हमने यह निर्णय लिया है कि किसानों को साल के शुरू में तय नहीं करना पड़ेगा, बल्कि साल के बीच में कभी भी विकल्प भरने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को अपनी रेडियावार्ता में बताया कि 7500 यूनिट खपत होने के बाद भी ज्यादा खपत में भी फ्लैट रेट का विकल्प चुना जा सकता है। उन्होंने बताया-पांच हार्सपावर से ज्यादा के सिंचाई पम्पों के लिए पहले फ्लैट रेट की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब मिलेगी। नये सिंचाई पम्प कनेक्शन लेने की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही एक लाख रूपए तक अनुदान की सुविधा भी सरकार ने शुरू कर दी है, जो बीच में बंद थी।
पिछले साल के तेन्दूपत्ते का 700 करोड़ का बोनस मिलेगा इस वर्ष
    मुख्यमंत्री ने ’रमन के गोठ’ में श्रोताओं को बताया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को एक जुलाई 2017 से पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। अब तक एक जुलाई 2017 के पहले कर्मचारियों को चार प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था। उन्होंने रेडियोवार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2017 के तेन्दूपत्ते के बोनस के 700 करोड़ रूपए की राशि भुगतान इस वर्ष करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा-विकास यात्रा के दौरान लगभग 30 हजार करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। किसानों को धान बोनस के रूप में 1700 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा रहा है। लगभग 13 लाख परिवारों को आबादी पट्टे दिए जा रहे हैं। करीब छह लाख श्रमिकों को 250 करोड़ रूपए की सामग्री का भुगतान किया जा रहा है।

संचार क्रांति योजना जनता के सशक्तिकरण के लिए
दुनिया का सबसे बड़ा प्रयास

    मुख्यमंत्री ने रेडियो श्रोताओं को बताया कि विकास यात्रा की एक सबसे बड़ी बात है-संचार क्रांति योजना अर्थात स्काय, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त जिज्ञासा और उत्साह है। वास्तव में हमारी स्काय योजना आम जनता, विशेष रूप से गरीबों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण का जरिया है और दुनिया का सबसे बड़ा प्रयास भी है। डॉ. सिंह ने कहा-छत्तीसगढ़ में सामाजिक-आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों में संचार साधनों का अभाव विकास के सामने एक बहुत बड़ी बाधा थी। हमने कनेक्टिविटी को मूलमंत्र बनाया, जिसके लिए सड़क, रेल्वे और विमानन सुविधाओं के विकास पर बल दिया। हमने नये जमाने के सबसे बड़े साधन मोबाइल कनेक्टिविटी से प्रत्येक नागरिक को जोड़ने की एक बड़ी कार्य योजना बनाई है। हमारी नई पीढ़ी नये अवसरों का लाभ लेना चाहती है। तेज प्रगति चाहती है। मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा-50 लाख स्मार्ट फोन उन लोगों के हाथों में पहुंचाया जा रहा है, जिन्हें इसकी जरूरत है, लेकिन किसी कारण से खरीद नहीं पाते। स्मार्ट फोन के साथ उन्हें विकास योजनाओं से भी जोड़ने के साधन मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने संचार क्रांति योजना (स्काय) के प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में 1200 मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे, जो मोबाइल कनेक्टिविटी और इससे मिलने वाली सुविधाओं के विस्तार में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगी।

 

वेब डेस्क, IBC24


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