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दिल को रखना हो स्वस्थ तो अपनाए ये आसन

Created at - June 30, 2018, 7:07 pm
Modified at - June 30, 2018, 7:07 pm

मनुष्य के शरीर की कोई भी प्रक्रिया बिना दिल के कुछ नहीं कर सकती इसलिए जरुरी है हम अपने दिल का ख्याल भी सावधानी से करें। दिल को बच्चे की तरह संभाल कर रखे। इसके लिए जरुरी है हम योग का सहारा ले योग न केवल शरीर का लचीलापन, मजबूत मांस पेशियों और तनाव से छुटकारा दिलाता है बल्कि, इसमें सबसे ज्यादा ध्‍यान सांसों पर होता है, जिस कारण हमारी श्वसन प्रणाली दुरुस्त रहती है. 

 अंजली मुद्रा

दोनों हाथों को जोड़कर छाती के बीचो बीच रखें और आंखें बंद कर धीरे से सांस अंदर लें, थोड़ी देर सांस रोकें और फिर धीरे धीरे उसे छोड़ें. यही पैटर्न कुछ मिनटों तक जारी रखें.

वीरभद्रासन

एक पैर को पीछे की तरफ ले जाएं, वहीं दूसरे पांव को 90 डिग्री एंगल पर स्ट्रेच करें. दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर जोड़ें, बिलकुल एक पहाड़ की आकृति जैसा. फिर धीरे धीरे दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पीछे के पैर को और पीछे सट्रेच करें. ध्यान रहे, दूसरे पैर को उसी अवस्था (यानी 90 डिग्री एंगल) में रहने दें. बारी बारी से दोनों पैरों से इस आसन को करें. 

सेतु बंधासन

 पीठ के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को अपनी लंबाई में स्ट्रेच करें. अब धीरे धीरे अपने घुटनों को मोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं. थोड़ी देर इसी पोजीशन में रहें, फिर नॉर्मल अवस्था में वापस आ जाएं. बार बार इसी पैटर्न को दोहराएं. इस आसन को करने से आपकी कमर, पेट और जांघ शेप में रहेंगे. 

 त्रिकोनासन

 दोनों पैरों को फैलाएं. दांए पैर को बाहर की ओर स्ट्रेच करें और बांए हाथ को ऊपर की दिशा में ले जाते हुए कमर को भी दाईं ओर झुकएं. इसी अवस्था में रहते हुए अपनी दाईं हाथेली को जमीन से सटाएं और साथ ही साथ बांए हाथ को ऊपर की तरफ और स्ट्रेच करें. बारी बारी से दोनों तरफ से इसे करें. 

स्वासासन

जमीन पर लेट जाएं और आंखें बंद कर लें. दोनों हथेलियों को खुला छोड़े और पांव के अंगूठे को बाहर की दिशा में रखें. धीरे धीरे सांस लें और छोड़ें. 5 मिनट तक इसी अवस्था में रहें. 

सूर्य नमस्कार

यह सबसे मशहूर योगासन है. इसका शाब्दिक अर्थ है सूरज को नमस्कार करना. इसमें कुल 12 योगासन होते हैं जिनमें लगभग शरीर के हर हिससे पर फोकस होता है. सबसे खास बात ये कि अगर केवल हर दिन सूर्य नमस्कार भी कर लिया जाए तो 'निरोगी काया' का लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है. 

भुजंगासन

 पेट की तरफ लेट जाएं और दोनों हाथों को ठीक छाती के पास रखें. धीरे धीरे अपने शरीर को ऊपर की ओर ले जाएं. अपनीं सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और अपने पेट को स्ट्रेच करें. इस आसन से आपकी रीढ़ की हड्डी, पेट और बांह फिट रहते हैं. साथ ही चक्कर आने की समस्या भी इस आसन को करने से दूर हो जाती है. 

पश्चिमोत्तासन

 दोनों पैरों को सामने की ओर स्ट्रेच करते हुए एक दूसरे से जोड़ें. धीरे धीरे आगे झुकते हुए, बिना अपने घुटने मोड़े, अपनी नाक को घुटनों से सटाएं. हो सके तो अपने सिर को घुटनों से सटाने की कोशिश करें. इस आसन से शरीर का लचीलापन तो बढ़ता ही है, धड़कनों की रफ्तार भी नियंत्रित रहती है. 

तड़ासन

यह आसान योगासनों में से एक है. खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को बाहर की दिशा में हल्का सा फैलाएं. दोनों हाथों को ऊपर ले जाएं और नमस्कार अवस्था में जोड़ें. गहरी सांस लें और शरीर को स्ट्रेच करें. अंजली मुद्रा जहां बैठकर और हाथों को छाती से सटाकर की जाती है, तड़ासन खड़े होकर हाथों को ऊपर जोड़कर किया जाता है. इस आसन से तनाव दूर होता है. 

 दंडासन

पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को छाती के करीब रखें. अब अपने शरीर को ऊपर की ओर ले जाएं और हथेली ओर पैर के निचले हिस्से की मदद से शरीर को बैलेंस करें. सांस रोककर इसी अवस्था में 30-40 सेकेंड तक रहें, फिर रिलैक्स करें.

वेब डेस्क IBC24


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