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आतंकी टेरर फंडिंग, रायपुर के एक आरोपी सहित तीन के खिलाफ परिवाद दायर

Created at - July 1, 2018, 1:35 pm
Modified at - July 1, 2018, 1:35 pm

रायपुर। आतंकियों के टेरर फंडिंग मामले में रायपुर से पकड़े गए आतंकी मददगार धीरज साव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को कोर्ट में अभियोजन परिवाद दायर किया है। जिसे कोर्ट ने रिकार्ड पर लेते हुए इस माह के तीसरे हफ्ते में सुनवाई की तारीख तय की है।

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आपको बता दें कि धीरज साव को इंटेलिजेंस की रिपोर्ट पर 25 दिसंबर 2014 को पुलिस ने खमतराई के ट्रांसपोर्ट नगर से और दो आरोपी जुबेर हसन और आयशा बानो को कर्नाटक से गिरफ्तार किया था। धीरज साव समेत जुबेर औऱ आयशा के खिलाफ आरोप है कि उसने हवाला के माध्यम से बोधगया बम ब्लास्ट मामले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिदीन के खातो में पाकिस्तान से मिले फंड को दोनो संगठनों के अकाउंट में जमा करने के लिए कुरियर का काम करता था।

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इंटेलिजेंस की टीम ने धीरज साव को बिहार से एक आतंकी को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास मिले डायरी में धीरज के नाम सामने आने पर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने धीरज के पास से अलग-अलग बैंकों के 40 बैंक अकाउंट की पासबुक जब्त की थी।

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धीरज ने अपने बैंक अकाउंट से सवा दो करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि आतंकियों के खाते में ट्रांसफर किया थी। धीरज का लश्कर ए तैय्यबा सहित हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ संपर्क होना पाया गया था,  धीरज मूलत: बिहार का निवासी है, और रायपुर में रहकर आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहा था। वह दिखावे के लिए खमतराई में किराए के मकान में रहकर ट्रांसपोर्ट नगर में अंडा दुकान चला रहा था। धीरज फिलहाल अभी जेल में बंद है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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