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बहुविवाह और हलाला के खिलाफ याचिकाओं की जल्द सुनवाई पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

Created at - July 2, 2018, 5:10 pm
Modified at - July 2, 2018, 5:10 pm

नई दिल्ली। मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह और हलाला को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर त्वरित सुनवाई की मांग वाली याचिका पर विचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने इन याचिकाओं पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने की अनुमति दी। पीठ ने गौर किया कि याचिकाओं को अंतिम फैसले के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।

याचिकाकर्ताओं में से एक समीना बेगम के वकील वी शेखर और अश्विनी उपाध्याय ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनकी मुवक्किल पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें धमकी मिल रही है कि यदि याचिका वापस नहीं ली गई तो उसके साथ बलात्कार कर हत्या कर दी जाएगी।

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वकील के इस तर्क पर बेंच ने कहा, हम इसे देखेंगे। न्यायालय ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने की अनुमति दी।

बता दें कि निकाह हलाला मुस्लिमों की एक ऐसी परंपरा है जिसके तहत अगर पति, पत्नी को तलाक दे दे और दोबारा उससे शादी करना चाहे तो महिला को पहले किसी अन्य से शादी करके उस व्यक्ति के साथ कम से कम एक रात गुजारने के बाद तलाक लेना होगा, तब जाकर वह अपने पूर्व पति के साथ फिर से शादी कर सकती है।

वेब डेस्क, IBC24


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