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धरमजयगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल,बेरोजगारी और हाथियों के आतंक से लोग परेशान

Created at - July 4, 2018, 4:51 pm
Modified at - July 4, 2018, 4:51 pm

जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की धरमजयगढ़ विधानसभा से..सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर

रायगढ़ जिले में आती है विधानसभा सीट

विधानसभा में दो ब्लॉक और दो नगर पंचायत शामिल

कोयला खदानों के लिए मशहूर

कुल मतदाता-1 लाख 94 हजार 243

महिला मतदाता-95 हजार 806

पुरुष मतदाता- 98 हजार 437

वर्तमान में विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा

लालजीत राठिया हैं कांग्रेस विधायक

सियासत-

धरमजयगढ़ विधानसभा कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती है..वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है लेकिन इस बार बीजेपी सेंध लगाने की कोशिश में है लेकिन ये इतना आसान नहीं होगा । क्योंकि इस बार मुकाबला बीजेपी कांग्रेस में नहीं बल्कि त्रिकोणीय होगा और चुनावी मैदान में होगी JCCJ

धरमजयगढ़ विधानसभा में कांग्रेस मजबूत नजर आती है..अब तक हुए चुनाव में बीजेपी को महज 2003 और 2008 में जीत हासिल हो सकी है..बाकी कांग्रेस का ही कब्जा रहा है...बीते चुनाव में कांग्रेस के लालजीत राठिया ने बीजेपी के ओम प्रकाश राठिया को शिकस्त दी थी..अब फिर चुनाव की रणभेरी बजने वाली है तो बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों चुनावी तैयारी में नजर आने लगे हैं..इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी ताल ठोक रहे हैं...बात कांग्रेस की करें तो वर्तमान विधायक लालजीत राठिया सबस प्रबल दावेदार हैं..इसके अलावा नरेश राठिया भी दावेदारों में शामिल हैं..बीजेपी में भी दावेदारों की लाइन लगी है..जिसमें सबसे आगे हैं पूर्व विधायक ओम प्रकाश राठिया..इसके अलावा हरीश चंद राठिया और रजनी राठिया भी टिकट की दौड़ में हैं.

देखें वीडियो-

मुद्दे-

धरमजयगढ़ में एक दो समस्याएं नहीं बल्कि लिस्ट लंबी है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं तक बदहाल हैं। बेरोजगारी और हाथियों के आतंक से भी लोग परेशान हैं ।

धरमजयगढ़ की धरती भले काला सोना उगलती हो लेकिन हकीकत तो ये है कि गरीबी और पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं लोग...कहने को तो कोयला खदाने हैं लेकिन रोजगार के लिए नाकाफी हैं..तो वहीं मनरेगा में काम ना मिल पाना और राशि का भुगतान ना होने से भी लोग परेशान हैं...नतीजा पलायन थम नहीं पा रहा है..शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी हालत खराब है..जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो वहीं उच्च शिक्षण संस्थान भी नहीं हैं...स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो अस्पतालों में संसाधनों और डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है..धरमजयगढ़ में हाथियों के आतंक से भी ग्रामीण परेशान हैं.. हाथी कहीं फसलें चौपट कर रहे हैं तो कहीं घरों को तहस-नहस कर रहे हैं इसके बावजूद भी वन विभाग कुछ नहीं कर पा रहा ।

 

वेब डेस्क, IBC24


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