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बसपा सुप्रीमो मायावती और अजीत जोगी की मुलाकात, नए सियासी समीकरण की सुगबुगाहट

Created at - July 5, 2018, 11:05 am
Modified at - July 5, 2018, 11:05 am

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते जा रही है। राजनीतिक गलियारों में सियासी हलचल तेज होते जा रही है। नये-नये राजनीतिक समीकरण बनने से अभी से चुनाव दिलचस्प होता दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में तीसरी पार्टी के रूप में उभरी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अपनी मौजूदगी मजबूती के साथ दर्ज करा रही है। 

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इसी बीच प्रदेश में एक नये राजनीतिक समीकरण की सुगबुगाहट भी दिखाई देने लगी है। बुधवार को दिल्ली में बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अजीत जोगी से मुलाकात की है। दोनों के बीच क़रीब डेढ़ घंटे चली इस मीटिंग के दौरान दोनों नेताओं ने राष्ट्रहित और प्रदेश-हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करी। 

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जानकारी के मुताबिक इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ने को लेकर चर्चा हुई है। इसके पहले बसपा और कांग्रेस की गठबंधन की चर्चा तेजी से चल रही थी। लेकिन इस मुलाकात के बाद सियासी हालात बदलते दिखाई देने लगे हैं। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद किसी भी राजनेता से यह अजीत जोगी की पहली मुलाक़ात है।   

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महागठबंधन को लेकर मायावती ने सक्रियता बढ़ाई है। इसके वे विभिन्न दलों के राजनेताओं से मुलाकात कर रही हैं।  बसपा ने छत्तीसगढ़ में गठबंधन को लेकर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात को लेकर गठबंधन के कयास भी लग रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक गठबंधन को लेकर किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा।

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गौर किया जाए तो प्रदेश में बीते विधानसभा चुनावों में बीएसपी एक या दो सीट लेकर आती रही है। भूपेश बघेल ने इसका फायदा उठाने की कोशिश भी कि और बीएसपी को गठबंधन के लिए ऑफर भी दिया था। लेकिन कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया की माने तो सिर्फ ये अटकलें थी। ऐसे में कांग्रेस से अलग हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को बसपा के साथ मजबूती मिल सकती है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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