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भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2018 पारित,कलेक्टर के अधिकार को लेकर किया गया संशोधन

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 05 Jul 2018 04:28 PM, Updated On 05 Jul 2018 04:28 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक-2018 पारित कर दिया गया है। वहीं कलेक्टरों के अधिकार को लेकर संशोधन किया गया है। गौठान शब्द का विस्तारिकरण किया गया। वहीं विधानसभा में आज भी गहमागहमी की स्थिति बनी रही। प्रश्नकाल में कांग्रेस के सदस्यों ने किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिलने का मामला उठाया।

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इस मामले में कृषि मंत्री के जवाब से नाखुश विपक्ष ने वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा, कि किसानों से प्रीमियम की राशि अधिक ली जा रही है। सिंहदेव ने पूछा कि क्या निजी कंपनी को साढ़े 13 करोड़ का फायदा हुआ। सिंहदेव ने पूछा कि इफको टोक्यो ने अभी कई करोड़ की बीमा के एवज में राशि किसानों को नहीं दी है? जवाब में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की बैलेंस शीट हम नहीं देखते।

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यदि बीमा कंपनी की ओर से भुगतान में लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं सुपेबेड़ा में किडनी की बीमारी से हो रही मौतों के मामले पर जमकर हंगामा हुआ। गर्भगृह में नारेबाजी के चलते कांग्रेस के 26 विधायक निलंबित हो गए। हालांकि अध्यक्ष कुछ देर बाद निलंबन रद्द कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर कहा, कि ग्रामीणों के रक्त में यूरिया और क्रिएटिन की मात्रा अधिक पाई जा रही है। इसकी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर 2400 ग्रामीणों की जांच की गई है। जो इलाज के लिए सहमति दे रहे हैं, उनका चिरायु योजना के तहत इलाज किया जा रहा है। स्वाथ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों से जल और मिट्टी के नमूने लिए गए हैं।

 

वेब डेस्क, IBC24

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