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पैर दर्द के लिए लाभप्रद है यह योगासन

Created at - July 7, 2018, 6:43 pm
Modified at - July 7, 2018, 6:43 pm

पैर दर्द की समस्या एक सामान्य समस्या है जिससे हर कोई परेशान रहता है।अगर आपको पैर के दर्द से निजात पाना है तो नियमित रूप से योग अभ्यास कीजिए।आज हम कुछ प्रमुख आसान के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। 

ताड़ासन योग

यदि आप पैरों के दर्द से परेशान हैं तो ताड़ासन योगआपके लिए एक उपयोगी आसन है। पेट, हाथ और पैरों आदि की मांसपेशियों में खिंचाव आने पर तड़ासन को करना चाहिए। तड़ासन के नियमित अभ्यास से आप न केवल शरीर का संतुलित और लचीला होता है बल्कि इससे बच्चों की लंबाई बढ़ती है और पैरों में दर्द का इलाज भी छुपा है इस योग में।

ताड़ासन योग कैसे करें

तड़ासन को करने लिए आप अपनी एड़ियों को ऊपर की ओर उठाना होगा और अनुभव करना होगा कि आपको कोई ऊपर की ओर खींच रहा है। इसमें आपके शरीर का सारा भार आपकी पैरों की अंगुलियों पर होगा। इस अवस्था में आप अपने शरीर को पूरी तरह से खींचिए और धीरे धीरे एड़ियों को जमीन पर वापस लाइए। तड़ासन करने के दौरान उठते समय श्वास अंदर और नीचे की ओर आते समय श्वास को बाहर लीजिए। तड़ासन को एक बार में कम से कम दस बार कीजिए।

 पादांगुष्ठासन

आप पैर दर्द की समस्या से पीड़ित हैं, तो आप नियमित रूप से पादांगुष्ठासन कीजिए। इस आसन के करने से आपको पैर दर्द की समस्या से निजात मिलेगा। पादांगुष्ठासन के अभ्यास से पैरों के अग्र भाग तथा टखनों को शक्ति मिलती है। यह समतल पैरों को ठीक करता है।

पादांगुष्ठासन कैसे करें

पादांगुष्ठासन करने में थोड़ा मुश्किल है। निरंतर अभ्यास के बाद आप इस आसन को कीजिए। पादांगुष्ठासन को करने के लिए सबसे पहले उकड़ू अवस्था में बैठ जाइए और एड़ियों को ऊपर ऊठाइए। इसके बाद घुटनों को ऊपर उठाते हुए जांघों को होरिजेंटल स्थिति में लाइए। अब एक पैर को दूसरे पैर की जांघ पर रखिए। शुरुआत में इसे कम समय के लिए अभ्यास करें और धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाएं।

 पवनमुक्तासन योग

पवनमुक्तासन योग से हाथ, पीठ, कमर और पैर के स्नायु के साथ-साथ हमारा मेरुदंड भी मजबूत होता है। इस आसन के द्वारा हमारे पैर के सभी अंग सक्रिय होते हैं। नियमित इसके अभ्यास से पैर दर्द से राहत तो मिलती है साथ ही पेट फूलना और कब्ज की समस्या से भी निजात मिलता है।

पवनमुक्तासन कैसे करें

पवनमुक्तासन आसन करने के लिए सीधे लेट जाते हो तो दाएं पैर के घुटनें को अपनी छाती पर रखें। इसके बाद दोनों हाथों की अंगुलियां एक-दूसरे में डालते हुए अपने घुटनों को पकड़ लें। फिर अपने घुटने को छाती से लगायें एवं सिर को उठाते हुए घुटने से नासिका को स्पर्श करवाएं। कुछ सेंकड तक अपने श्वास को बाहर रोकते हुए इसी स्थिति में बने रहें और बाद में अपनी पुरानी स्थिति में आ जाएं अर्थात पैरों को सीधा कर लें।

वेब डेस्क IBC24

 


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