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साल का दूसरा सूर्यग्रहण 13 को....जानिए मुख्य बातें

Created at - July 12, 2018, 3:31 pm
Modified at - July 12, 2018, 5:13 pm

नई दिल्ली। कल यानी 13 जुलाई  को साल का दूसरा सूर्यग्रहण लगने वाला है।  इससे पहले 15 फरवरी को साल 2018 का पहला सूर्य ग्रहण लगा था। बताया जा रहा है कि 13 जुलाई को लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में आंशिक तौर पर रहेगा, जिसकी वजह से इसका असर भारत में कम दिखेगा। यह सूर्य ग्रहण मुख्यरुप से अमेरिका और ऑस्ट्रलिया में नजग आएगा। जिसके कारण ग्रहण के सूतक काल का असर  भारत में नहीं पड़ेगा।  बता दें कि महीने की 13 तारीख को सूर्यग्रहण होना अशुभ माना जाता है। ऐसा संयोग 40 साल के बाद बना है। इससे पहले 13 दिसंबर 1974 को सूर्यग्रहण पड़ा था। 

वैसे ये शुभ और अशुभ का चलन भारत में है, ज्योतिष द्वारा माना गया है कि ब्रम्हांड में होने वाली हर घटना का हमारे ऊपर असर जरूर देखने को मिलता है। इन घटनाओं को धर्मिक भाषा में ग्रहों का परिवर्तन या फिर ग्रहण जैसी भाषा से परिभाषित किया जाता है। वैसे,  विज्ञान इस चीज को नहीं मानता है। विज्ञान के अनुसार ये एक खगौलीय घटना है।

क्या है सूर्य ग्रहण?

(1) जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य की चमकती सतह चंद्रमा के कारण दिखाई नहीं पड़ती है।

(2) चंद्रमा की वजह से जब सूर्य ढकने लगता है तो इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं।

(3) जब सूर्य का एक भाग छिप जाता है तो उसे आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं।

(4) जब सूर्य कुछ देर के लिए पूरी तरह से चंद्रमा के पीछे छिप जाता है तो उसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहते हैं।

(5) पूर्ण सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को ही होता है।

सूर्य ग्रहण का समय
इस बार का सूर्य ग्रहण पुनर्वसु नक्षत्र और हर्षण योग में पड़ेगा जो सुबह 7 बजे से शुरू होकर 9 बजकर 44 मिनट में खत्‍म होगा। ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पहले लगेगा।
ये है  मुख्य बात
विशेषज्ञों ने मिली जानकारी के अनुसार 13 जुलाई को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण खुली आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखने से आंखों की रौशनी हमेशा के लिए जा सकती है। इसलिए इसे ऐसे ना देखें।
ये तीन काम सूर्य ग्रहण के बाद करें 
1. मान्‍यताओं के अनुसार ग्रहण खत्‍म होने बाद सबसे पहले स्‍नान करना चाहिए 
2. तुलसी और शामी के पौधों में गंगाजल का छिड़काव करें 
3. गरीबों और जरूरतमंदों को सामर्थ्‍य के अनुसार दान-दक्षिणा दें
ग्रहण के समय भूल से भी न करें वर्जित काम
ज्योतिष  के अनुसार  ग्रहण काल में सोना, भोजन करना, मूर्ति स्पर्श करना, मल मूत्र आदि त्यागना वर्जित है। इसमें बालक, वृद्ध और रोगी को छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त ग्रहण काल में मैथुन एवं हास्य विनोद आदि का भी निषेध किया गया है। चंद्रग्रहण में 3 याम (प्रहर) पूर्व और सूर्य ग्रहण में 4 प्रहर पहले से अन्नादि का ग्रहण बाल, वृद्ध व रोगियों को छोड़कर नहीं करना चाहिए।

वेब डेस्क, IBC24


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