सरगुजा News

सड़क ना होने से गांव नहीं पहुंची एंबुलेंस,पैदल चलकर अस्पताल पहुंची प्रसूता,नवजात की मौत

Created at - July 17, 2018, 4:50 pm
Modified at - July 17, 2018, 4:50 pm

जशपुर। जशपुर से एक ऐसी ही दर्दनाक घटना सामने आई जिसने सारी सरकारी योजनाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सड़कों का जाल बिछाने के बड़े बड़े दावों के बीच सड़क की कमी ने एक महिला से उसका बच्चा छीन लिया। दरअसल रविवार की रात करीब दस बजे जशपुर के ग्राम बालाझार के पहाड़ी कोरवा बस्ती में गर्भवती महिला लीलावती को अचानक प्रसव का दर्द उठा। रात ज्यादा होने से महिला की हालत को देख परिजनों ने 102 महतारी एक्सप्रेस को फ़ोन किया लेकिन फोन नहीं लगा, फिर उन्होंने अस्पताल में फोन कर एम्बुलेंस की मांग की।

पढ़ें- डेंगू का डंक, भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में 9 मरीज भर्ती

जिसके बाद एंबुलेंस तो भेजी गई लेकिन सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस उनके ग्राम तक नहीं पहुंच सकी। इस बीच महिला का दर्द धीरे धीरे बढ़ता जा रहा था । परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के लिए मशक्कत कर रहे थे। गर्भवती महिला की हालत  देख उसके परिवार वाले रोड तक कभी पैदल तो कभी ढोकर ले गए। इस जद्दोजहद में  लगभग 2 घंटे का समय लग गया। इसके बाद निजी वाहन की मदद से महिला को तमता के शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया ।

पढ़ें- इस देश में काटी जा रही हैं महिलाओं की पोशाकें, पुरुषों पर भी लगा ये प्रतिबंध

लेकिन तमता प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर ने प्रसव करवाकर महिला को तो बचा लिया लेकिन नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। वही महिला अब घर में है और स्वस्थ है। महिला के पति का कहना है कि इस घटना के लिए केवल खराब सड़क ही जिम्मेदार है जिसको यदि ढंग से बनाया जाता तो आज उनके बच्चे की मौत नहीं होती। वहीं डॉक्टर ने बताया कि महिला का बच्चा कोख में उल्टा था .. गर्भवती महिला को पहले ही गायन्कोलॉजिस्ट को दिखाने की सलाह दी गई थी। रात को प्रसव सुरक्षित कराया गया लेकिन बच्चा मृत निकला।

पढ़ें- जोगी कांग्रेस को पार्टी सिंबल मिलने पर बोले रमन-चुनाव चिन्ह मिलने से कोई चुनाव जीत जाता तो…

दरअसल एक तो सड़क बदहाल ऊपर से गांव को जोड़ने वाली दो पुलिस भी खस्ताहाल में हैं। एंबुलेंस की महिला तक पहुंच  और दूर हो गई। बताया जा रहा है मेन रोड से बालाझार कोरवा बस्ती तक पिछले दो साल से सड़क नहीं है जिसके चलते पिछले साल भी लोगों को बहुत तकलीफ झेलनी पड़ी थी और इस बार भी झेलनी पड़ी है।

 

वेब डेस्क, IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

IBC24 SwarnaSharda Scholarship 2018

Related News