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खनिज संपदा से धनी होते हुए भी जगदलपुर विधानसभा में बेरोजगारी भारी

Created at - July 20, 2018, 4:22 pm
Modified at - July 20, 2018, 4:22 pm

जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की जगदलपुर विधानसभा से...सियासी बिसात और मुद्दों की बात इससे पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर...

बस्तर जिले में आती है विधानसभा सीट

कुल जनसंख्या करीब 1 लाख 50 हजार

कुल मतदाता-1 लाख 46 हजार 678

महिला मतदाता-75 हजार 524

पुरुष मतदाता-72 हजार 154

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

संतोष बाफना हैं बीजेपी विधायक

सियासत-

जगदलपुर विधानसभा में लागातार दो चुनावों से बीजेपी की झोली में जीत तो कांग्रेस की झोली में हार..लेकिन इस बार कांग्रेस, बीजेपी के इस किले में सेंध लगाने की तैयारी में है...

2008 और 2013 में बीजेपी ने जीत का परमच लहराया...बीते चुनाव में कांग्रेस के शामू कश्यप को बीजेपी के संतोष बाफना ने शिकस्त दी...लेकिन इस बार कांग्रेस बीजेपी की इस कब्जे वाली सीट पर जीत दर्ज करने की रणनीतियां बनाने में जुट गई है..तो वहीं बीजेपी भी विधानसभा में सक्रिय दिखाई देने लगी है..इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी एक्टिव नजर आ रहे हैं...बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक संतोष बाफना प्रबल दावेदार हैं.. तो वहीं वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी और किरण देव भी टिकट के दावेदार हैं...बात कांग्रेस की करें तो रेखचंद जैन का नाम सबसे आगे है..इसके अलावा महापौर जतिन जायसवाल ,अतिरिक्त शुक्ला,मलकीत सिंह और मनोहर लुनिया का नाम भी दावेदारों में शामिल है..

मुद्दे-

खनिज संपदा से धनी है जगदलपुर विधानसभा लेकिन बेरोजगारी है...अस्पताल हैं लेकिन इलाज के लिए भटक रहे हैं मरीज...स्कूल हैं लेकिन शिक्षकों के इंतजार में है छात्र..यही कहानी है इस विधानसभा की।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगदलपुर धुर नक्सल प्रभावित इलाका है...आदिवासी बाहुल्य जगदलपुर में नक्सली गतिविधियां हमेशा विकास में रोड़ा रहीं हैं...संभाग मुख्यालय की विधानसभा होने के कारण यहां अपेक्षाकृत सभी सुविधाएं तो है लेकिन फिर भी विकास की गति धीमी दिखाई देती है। नगरनार एनएमडीसी स्टील प्लांट के निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में पहुंच चुका है पर जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी थी उन्हें ना तो समय पर नौकरी मिली और ना ही मुआवजा....बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है.. प्रचुर मात्रा में खनिज संपदाओँ के बावजूद यहां स्थानीय स्तर पर कोई छोटे या बड़े उद्योग धंधे स्थापित नहीं हो पाए हैं..जिसकी वजह से लोगों को रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है...ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की हालत भी अच्छी नहीं है..रोड कनेक्टिविटी की बात करें तो सड़कें तो बनाई जा रही है लेकिन गांवों में बन रही सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं...कई क्षेत्रों में पुलिया और सड़कों का काम अधूरा है...जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं है...कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि शहरी क्षेत्रों में विकास के काम तो किए जा रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब भी बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में हैं।

 

वेब डेस्क, IBC24


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