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छत्तीसगढ़ में मानसिक विकृति के शिकार लोगों का होगा सम्मोहन से इलाज

Created at - July 28, 2018, 12:44 pm
Modified at - July 28, 2018, 12:55 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 20 लाख वयस्क किसी न किसी प्रकार की मानसिक विकृति का शिकार हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वे में ये बात सामने आई है। एम्स रायपुर के इस सर्वे रिपोर्ट के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार  लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी। 

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छत्तीसगढ़ के गांवों में रहने वाले 10.58 फीसदी लोग किसी न किसी तरह के मानसिक विकार से पीड़ित हैं। वहीं शहरों में 13.08 फीसदी लोग मानसिक बीमारी के शिकार हैं।राज्य में 20 लाख लोगों के किसी न किसी मानसिक विकृति से पीड़ित होने का अनुमान है। रायपुर एम्स की ओर से इस सर्वे रिपोर्ट के साथ ये सिफारिश की गई है कि राज्य के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य नीति तैयार की जानी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में काम कर रहे लोगों का मानना है कि मनोविकृति को लेकर लोगों के बीच गलत धारणाएं हैं। इसे सामान्य शारीरिक समस्याओं की तरह ही लेना चाहिए तभी इसका कारगर उपचार हो सकेगा। 

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बता दें कि डोमा सेजबहार स्थित आनंद उत्सव ध्यान केंद्र में इन दिनों ध्यान और सम्मोहन उपचार पर एक विशेष प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। जिसमें ध्यान और क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी के जरिए मानसिक और शारीरिक समस्याओं से राहत पाने के उपायों को लेकर प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रतिभागी मानते हैं कि इसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए एक यूनिट की स्थापना की जरूरत है। देखना होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में किस तरह के कदम उठाती है।

 

IBC24 रायपुर


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