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रिजर्व बैंक के रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी...यहां पड़ेगा सीधा असर

Created at - August 1, 2018, 5:03 pm
Modified at - August 1, 2018, 5:03 pm

नई दिल्ली। भारतीय रिर्जव बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी मौद्रिक समीक्षा के तहत प्रमुख व्याजा दरों में बढ़ोतरी की है। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। बता दें कि आरबीआई के रेपो रेट में 0.25 फीसदी के इजाफे के साथ रेपो रेट 6.50 हो गया है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 फीसदी बढ़कर 6.25 फीसदी हो गया है। RBI गवर्नर उर्जित पटेल के अनुसार  चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में जीडीपी वृद्धि दर 7.5-7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान, पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि का अनुमान 7.4 प्रतिशत पर बरकरार है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के 4.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया। 

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क्या है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट दर ?

दरसअल, रिजर्व बैंक के  रेपो रेट में इजाफे का आप पर सीधा असर पड़ता है। इससे पहले कि आपको ये बताएं कि  रेपो रेट का आप पर कैसे असर पड़ता है, पहले ये बता देते हैं कि रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक देश के अन्य वाणिज्यिक बैंकों को लोन देता है। जबकि रिवर्स रेपो रेट वह दर है, जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य वाणिज्यिक बैंकों से रुपये लेता है। 

 

 रेपो रेट के असर को कुछ बिन्दुओं में समझें 

 

1. पहला ये असर आपके होम लोन, कार EMI पर पड़ेगा। जी हां! रेपो रेट बढ़ने से या तो आपकी EMI की राशि या तो बढ़ जाएगी या EMI समय सीमा बढ़ जाएगी। आमतौर पर देखा जाता है कि  बैंक बढ़ी हुई रेपो रेट का बोझ खुद झेलने की बजाय ग्राहकों पर डाल देते हैं। 

2. लगातार बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए भी केंद्रीय बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करके इसे काबू में करने की कोशिश करता है। रेपो रेट में ताजा बढ़ोतरी से उम्मीद की जानी चाहिए कि महंगाई को काबू में रखने में मदद मिलेगी।

3. रेपो रेट का असर आपके बचल खातों पर भी पड़ सकता है, बैंक आपके बचल खातों और सावधि जमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

4. औद्योगिक विकास पर रेपो रेट का असर पड़ सकता है, जिसके कारण आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है और भविष्य में रोजगार का सृजन कम हो सकता है, जोकि देश में वैसे ही चिंता का विषय है।

बताते चलें कि मोदी सरकार के दौर में रेपो रेट में दूसरी बारप बढ़ोतरी हुई है।  इससे पहले जून की क्रेडिट पॉलिसी में भी 0.25 फीसदी रेपो रेट बढ़ाया गया था। RBI गवर्नर उर्जित पटेल की अध्‍यक्षता में हुई MPC मीटिंग पहली बार 3 दिन चली है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई में छह सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) की बैठक हुई।

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वेब डेस्क, IBC24


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