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मध्य प्रदेश के कड़कनाथ को मिला जीआई टैग, छत्तीसगढ़ ने भी किया था दावा

Created at - August 3, 2018, 2:46 pm
Modified at - August 3, 2018, 2:46 pm

भोपाल। साढ़े 6 साल की लड़ाई के बाद आखिरकार कड़कनाथ मध्यप्रदेश का हो गया है। कड़कनाथ को लेकर मध्यप्रदेश औऱ छत्तीसगढ़ के बीच चल रही लड़ाई में मध्यप्रदेश की जीत हुई है। जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री ने कड़कनाथ को मध्यप्रदेश का जीआई टैग दिया है। कड़कनाथ के जीआई टैग के लिए ग्रामीण विकास ट्रस्ट के झाबुआ केंद्र ने आवेदन किया था।

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जिसके बाद ये टैग एमपी को मिला है। अब 7 फरवरी 2022 तक कड़कनाथ का जीआई टैग वैलिड रहेगा। आपको बता दें कि कड़कनाथ को लेकर छत्तीसगढ़ ने भी दावा किया था। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक किसी राज्य से कोई लड़ाई नहीं है लेकिन कड़कनाथ मध्यप्रदेश की ही प्रजाति है। अब कड़कनाथ को एमपी का टैग मिलने के बाद व्यापार में और ज्यादा विकास होगा।

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कड़कनाथ मुर्गा का मीट और अंडा देसी मुर्ग से भी कहीं ज्‍यादा महंगा बि‍कता है। फुटकर बाजार में इसके मीट का रेट 300 से लेकर 450 रुपये होता है। कई बार यह 700 से लेकर 1000 रुपए किलो तक बिक जाता है। जि‍न इलाकों में यह मौजूद वहां इसके एक अंडे की कीमत 25 रुपये तक चली जाती है। अगर आप ऑनलाइन इसका अंडा खोजेंगे तो 50 रुपये तक दाम रखा गया है। हालांकि‍, ग्रामीण इलाकों में इतना दाम नहीं मि‍लता। इसके एक दि‍न के चूजे की कीमत 70 रुपये के आसपास होती है।कड़कनाथ में कोलेस्ट्राल की मात्रा दूसरे मुर्गों की तुलना में प्रति किलोग्राम कम होती है। हड्डी, खून और मांस काला होता है। प्रोटीन का प्रतिशत भी कड़कनाथ के मांस में ज्यादा पाया जाता है। चर्बी भी बहुत कम होती है।इसलिए इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना गया है।

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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