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जीडीपी दर में सबसे ज्यादा वृद्धि मनमोहन के कार्यकाल में, 10.8% रही

Created at - August 18, 2018, 9:44 am
Modified at - August 18, 2018, 2:34 pm

नई दिल्ली। देश की आर्थिक वृद्धि दर में उतारचढ़ाव के बीच जो खबर आई है उससे कांग्रेस उत्साहित हो सकती है। आर्थिक वृद्धि दर का आंकड़ा 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि आंकड़ा है। ये जानकारी आधिकारिक आंकड़ों में दी गई है और तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे। आजादी के बाद सबसे ज्यादा वृद्धि दर 10.2% वर्ष 1988-89 में रही। उस वक्त राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे

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राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा की ‘कमेटी आफ रीयल सेक्टर स्टैटिक्सने पिछली श्रृंखला (2004-05) के आधार पर आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा तैयार किया यह रिपोर्ट सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी की ग हैरिपोर्ट में पुरानी श्रृंखला (2004-05) और नई श्रंखला 2011-12 की कीमतों पर आधारित वृद्धि दर की तुलना की ग है

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पुरानी श्रृंखला 2004-05 के तहत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 2006-07 में 9.57% रही उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे नई श्रृंखला (2011-12) के तहत यह वृद्धि दर संशोधित होकर 10.08% रहने की बात कही ग है

वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में शुरू आर्थिक उदारीकरण की शुरूआत के बाद यह देश की सर्वाधिक वृद्धि दर है। इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट किया कि ‘जीडीपी श्रृंखला पर आधारित आंकड़ा अंतत: आ गया है यह साबित करता है कि यूपीए शासन के दौरान (औसतन 8.1 प्रतिशत) की वृद्धि दर मोदी सरकार के कार्यकाल की औसत वृद्धि दर (7.3 प्रतिशत) से अधिक रही’।

 

वेब डेस्क, IBC24


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