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चार्टर प्लेन से डॉक्टर और मशीन बुलाकर बचाई साथी की जान, 16 IPS अफसरों ने दिखाई एकजुटता

Created at - September 8, 2018, 12:53 pm
Modified at - September 8, 2018, 12:53 pm

 

कानपुर। आईपीएस अफसरों ने अपने साथी को बचाने मिसाल पेश की है। 16 आईपीएस अफसरों ने दिन रात एक करके अपने साथी की जान बचाने के लिए मुंबई से मशीन और डॉक्टरों की टीम को बकायदा चार्टर प्लेन से बुलवाया। यूपी और दिल्ली में एक्मो मशीन नहीं मिलने कि वजह से छह साथियों ने मशक्कत की और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मदद से मुंबई से मशीन और डॉक्टरों की टीम चार्टर प्लेन से बुलाई। डॉक्टरों ने बताया अगर विदेश के किसी हॉस्पिटल में सुरेंद्र को इलाज कराते तो इसी तरह से इलाज किया जाता। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।

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सुरेंद्र दास के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना मिलते ही लखनऊ इंटेलीजेंस की एसीपी चारू निगम, लखनऊ के एसपी विक्रांत, लखनऊ के आईजी सुजीत पांडेय, फतेहपुर की एसपी पूजा यादव, उत्तराखंड में तैनात आईपीएस मंजूनाथ कानपुर पहुंच गए। डॉक्टरों से बात की और बेहतर इलाज के लिए सलाह मशविरा किया।  

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डॉक्टरों ने बताया कि जिंदगी बचाने के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम एक्मो मशीन की जरूरत है। उससे कृत्रिम दिल और फेफड़े मूल अंगों को आराम देकर उसे सुधारने में मदद करेंगे। इसके बाद सभी आईपीएस ने लखनऊ, दिल्ली समेत देश के कई हॉस्पिटलों में पता किया लेकिन कहीं भी पोर्टेबल एक्मो मशीन नहीं मिली। आखिरकार प्रयास रंग लाया और स्वास्थ्य मंत्रालय की मदद से मुंबई से डॉक्टरों की टीम और एक्मो मशीन का प्रबंध किया। चार्टर प्लेन से चंद घंटे में डॉक्टरों की टीम एक्मो मशीन के साथ रीजेंसी हॉस्पिटल पहुंच गई।

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इसके बाद से आईपीएस रवीना त्यागी और उनके पति आईआरएस गौरव, आईपीएस डॉ. सतीश, अभिनंदन, अनूप, दिल्ली में तैनात राजीव रावल, अंकित मित्तल, श्लोक और मनीलाल पाटीदार रीजेंसी पहुंचे। डॉक्टरों से लेकर इलाज में आने वाले खर्च का प्रबंध सभी ने मिलकर कर किया। इसके साथ ही पुलिस हेडक्वार्टर से अधिक से अधिक सहायता मिल सके इसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं। मुंबई के डॉक्टरों ने बताया कि एक्मो मशीन में कृत्रिम हार्ट और फेफड़े होते हैं। इसलिए यह बहुत सेंसटिव होती है। मनुष्य के शरीर में जोड़ने के बाद हार्ट और फेफड़ों का काम मशीन ही करती है। इसे ट्रेन, प्लेन से एक से दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सकता है।

वेब डेस्क IBC24

 


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