News

सातवें वेतनमान में चुनाव और रुपए में गिरावट सबसे बड़ा अडंगा, जानिए लेटेस्ट अपडेट

Created at - September 10, 2018, 1:27 pm
Modified at - September 10, 2018, 2:07 pm

नई दिल्ली। केन्द्रीय कर्मचारी काफी समय से सातवें वेतनमान के तहत सैलेरी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जानकारों का कहना है कि राजनीतिक और आर्थिक कारणों से सरकार वेतन बढ़ोतरी का ऐलान करने से परहेज कर रही है। माना जा रहा है कि विधानसभा-लोकसभा चुनाव और रुपए में गिरावट सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में रोडा बना हुआ है।

केंद्रीय कर्मचारियों को सैलरी बढ़ोतरी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। आर्थिक विकास दर, लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए खबरें आ रही थी कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी जल्द हो सकती है, लेकिन राजनीतिक कारण और रुपए में जारी गिरावट को लेकर एक संकेत ये भी मिल रहे हैं कि सैलरी बढ़ोतरी का इंतजार और लंबा हो सकता है।

ये भी पढ़ें-माओवादियों को सता रहा दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व का संकट, शहरी और बुद्धिजीवी युवा की तलाश में

आम चुनाव अगले साल होने हैं। वहीं 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि इसकी संभावना नहीं है कि केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों के अनुरूप फिटमेंट फैक्टर को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से ज्यादा बढ़ाए। दूसरी तरफ सरकार 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नाराजगी मोल लेने की स्थिति में भी नहीं है। इसके बीच डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है। गिरते हुए की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ तेल के कीमतें बढ़ती जा रही है। ऐसे में मोदी सरकार के पास देश की अर्थव्यस्था को संभालना बड़ी चुनौती है।

ये भी पढ़ें-भारत बंद, कई जगहों पर हिंसा,बिहार में जज को रोका,मुंबई में मनसे का बीजेपी पार्षद के दफ्तर पर हमला

सरकार कर्मचारियों की मांगों के अनुरूप सैलरी में बढ़ोतरी करती है तो देश की वित्तीय स्थितियों को गहरा सकती है। सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ेगा। आरबीआई पहले ही सरकार को संकेत दे चुकी है कि अगर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से अधिक वेतन में बढ़ोतरी हुई तो महंगाई और बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें-24 घंटे में दूसरी बार थर्राया दिल्ली-एनसीआर, फिर आए भूकंप के झटके

गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप न्यूनतम वेतन 18000 रुपए तय किया गया है, लेकिन कर्मचारी इसे 26000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, फिटमेंट फैक्टर को भी 2.57 गुना से बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग कर रहे हैं।

वेब डेस्क IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News