News

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सात रोहिंग्याओं को भेजा जा रहा म्यांमार

Created at - October 4, 2018, 12:11 pm
Modified at - October 4, 2018, 12:11 pm

नई दिल्ली। भारत में अवैध रूप से रह रहे सात रोहिंग्या लोगों को वापस म्यांमार भेजने का फैसला लिया गया है। वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है। सातों रोहिंग्या को असम में हिरासत पर रखा गया है। सातों को आज मणिपुर की मोरेह सीमा चौकी पर म्यांमार के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। सीजीआई गोगोई के मुताबिक आवेदन पर विचार करने के बाद ही इस मामले की तुरंत सुनवाई पर फैसला देगी। गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश ने अपने कामकाज के पहले दिन बुधवार को वकीलों के समक्ष स्पष्ट किया कि वह ऐसे मामलों में मानदंड तय होने तक तुरंत सुनवाई की अनुमति नहीं देगी।

पढ़ें- कोरबा-रायपुर के बीच नई ट्रेन की सौगात, 6 अक्टूबर को दिखाई जाएगी हरी झंडी

पीठ में न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ भी शामिल हैं। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पीठ को बताया कि इन रोहिंग्या लोगों को स्वदेश वापस भेजा जा रहा है, अत: इस मामले की तुरंत सुनवाई जरूरी है। पीठ ने कहा, तुरंत सुनवाई के लिए किसी मामले का उल्लेख नहीं। हम मानदंड तय करेंगे फिर देखेंगे कि मामलों का उल्लेख किस प्रकार होगा। पीठ ने कहा कि मौत की सजा की तामील और बेदखली के मामलों की ही तुरंत सुनवाई हो सकती है।

पढ़ें- पुलिसवाले के घर चोरों का धावा, 10 लाख के जेवर पार

शुरुआत में पीठ ने भूषण से कहा कि वह याचिका दायर करें. भूषण के इस जवाब पर कि अर्जी दी जा चुकी है, पीठ ने कहा कि ‘हम इसपर विचार करेंगे और फिर फैसला लेंगे.’असम में अवैध तरीके से रह रहे सात रोहिंग्या को म्यामार वापस भेजने के केन्द्र के फैसले को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की गई है।  भारत सरकार ने पिछले साल संसद को बताया था कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर में पंजीकृत 14,000 से अधिक रोहिंग्या भारत में रहते हैं। हालांकि मदद प्रदान करने वाली एजेंसियों ने देश में रहने वाले रोहिंग्या लोगों की संख्या करीब 40,000 बताई है।

 

वेब डेस्क, IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News