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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा मंगलवार से शुरू

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 24 May 2015 01:57 PM, Updated On 24 May 2015 01:57 PM

देहरादून। बार-बार बारिश और बर्फबारी से मौसम के बदल रहे मिजाज के बीच मंगलवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की हिमालयी चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। वर्ष 2013 की भीषण आपदा के बाद तीर्थयात्रियों का रुख दोबारा प्रदेश की ओर करने के प्रयास में जुटी राज्य सरकार ने ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से बार-बार मौसम में आ रहे बदलाव के बावजूद चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद होने का दावा किया है। प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री रावत व्यवस्था का जायजा लेने के लिए स्वयं केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित अन्य जगहों का दौरा कर रहे हैं। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मंगलवार को दोपहर 12.30 बजे कर्क लग्न में मंदिर के कपाट श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उत्तरकाशी जिले में स्थित दूसरे प्रमुख धाम यमुनोत्री के कपाट भी मंगलवार को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर खोले जाएंगे। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित चारधामों के नाम से विश्वप्रसिद्घ 2 अन्य धामों- केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट भी क्रमश: 24 अप्रैल को प्रात: 8.30 बजे और 26 अप्रैल को प्रात: 5 बजकर 15 मिनट पर खोले जाएंगे। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम और चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम सहित चारों धाम चारों धामों का सड़क मार्ग से दौरा कर वापस आए पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार की अगुवाई वाले वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने दावा किया कि यात्रा से संबंधित 95 फीसदी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और पिछले साल के मुकाबले इस साल सड़कों की दशा काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में बारिश के कारण मलबा आने से कुछ स्थानों पर थोड़ी दिक्कत के अलावा मार्ग ठीक हैं। पर्यटन सचिव पंवार ने कहा कि लामबगड़ और सिरोबगड़ स्लाइडिंग जोन में बारिश के कारण भूस्खलन की संभावना के मद्देनजर वहां जेसीबी मशीनें और अन्य उपकरण तैनात कर दिए गए हैं जिससे मार्ग तुरंत खोले जा सकें।
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