बिहार के 595 गांव आयुष्मान भारत योजना के लाभ से ‘वंचित’ रहे: कैग

बिहार के 595 गांव आयुष्मान भारत योजना के लाभ से ‘वंचित’ रहे: कैग

बिहार के 595 गांव आयुष्मान भारत योजना के लाभ से ‘वंचित’ रहे: कैग
Modified Date: February 26, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: February 26, 2026 10:08 pm IST

पटना, 26 फरवरी (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने बिहार में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन में अनियमितताओं को रेखांकित करते हुए अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि राज्य के कम से कम 595 गांव योजना के इच्छित लाभों से वंचित रहे।

विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गई 2025 की रिपोर्ट संख्या-4 में पीएमजेएवाई के कार्यान्वयन में विभिन्न अनियमितताओं को उजागर किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है,‘‘पीएमजेएवाई का उद्देश्य राज्य की लक्षित 1.21 करोड़ लाभार्थी परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराना था। लेखा परीक्षा में पाया गया कि जिन गांवों में एक भी आयुष्मान कार्ड जारी नहीं हुआ, उनसे संबंधित आंकड़े डैशबोर्ड पोर्टल पर उपलब्ध नहीं थे और इस संबंध में अद्यतन स्थिति भी बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति (बीएसएसएस) द्वारा लेखा परीक्षा को उपलब्ध नहीं कराई गई।’’

उसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि लेखा परीक्षा ने ‘इनसाइट्स-पीएमजेएवाई’ पोर्टल के ‘विलेज पेनिट्रेशन डैशबोर्ड’ पर उपलब्ध (05 सितंबर 2024 तक) आंकड़ों की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल 44,559 गांवों में से 595 गांव (1.34 प्रतिशत) ऐसे पाए गए, जहां पात्र लाभार्थी मौजूद होने के बावजूद एक भी आयुष्मान कार्ड जारी नहीं किया गया था।’’

उसमें कहा गया है,‘‘परिणामस्वरूप इन 595 गांवों में कोई भी आयुष्मान कार्ड धारक नहीं था। इन गांवों के लक्षित लाभार्थी योजना के इच्छित लाभ से वंचित रह गए।’’

केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत सितंबर 2018 में की थी। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका वित्तपोषण केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है। योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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