बिहार की लोक गायिका, लेखिका नीतू नवगीत को मॉरिशस का विश्व हिंदी सम्मान मिला

बिहार की लोक गायिका, लेखिका नीतू नवगीत को मॉरिशस का विश्व हिंदी सम्मान मिला

: , May 19, 2022 / 12:02 AM IST

पटना, 18 मई (भाषा) बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका और लेखिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत को मॉरीशस की हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा विश्व हिंदी प्रतिष्ठापक सम्मान प्रदान किया गया है।

आठ से 15 मई तक मॉरिशस रहे 28 सदस्यीय भारतीय शिष्टमंडल में शामिल नवगीत को मॉरीशस स्थित महात्मा गांधी संस्थान की निदेशक विद्योतमा कुंजल ने गत 14 मई को यह सम्मान प्रदान किया। नवगीत 17 मई को पटना लौटी हैं।

मॉरीशस से भारत आने के बाद डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने बताया कि श्री रामकथा का विश्व संदर्भ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में उन्होंने साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्थान मुंबई के सदस्य के रूप में लोकगीतों और लोक कथाओं में भगवान राम और माता सीता के जीवन विषय पर विश्व हिंदी सचिवालय में आलेख की प्रस्तुति की।

नवगीत ने बताया कि इसके अलावा उन्होंने मॉरीशस के रामायण सेंटर, हिंदी प्रचारिणी सभा और पुरोहित संघ द्वारा आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में बिहार की माटी की खुशबू से लबरेज लोक गीतों की प्रस्तुति दी थी।

सम्मान समारोह में हिंदी प्रचारिणी सभा मॉरीशस के अध्यक्ष यंतु देव बुद्धू, माधुरी रामधारी, अलका धनपत, राजरानी गोविन, लक्ष्मी झमन, सरिता बुद्धु, अंजलि चिंतामणि, साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थान मुंबई के सचिव प्रदीप कुमार सिंह और अध्यक्ष बनवारीलाल जाजोदिया यथार्थ सहित हिंदी के अनेक लब्ध प्रतिष्ठित विद्वान उपस्थित रहे।

इस साप्ताहिक कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थान मुंबई के सचिव प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यी शिष्टमंडल ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद्र जगन्नाथ और राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन से भी मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामकथा के प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे शोध कार्य के बारे में उन्हें जानकारी दी।

साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस में हिंदी के वैश्विक प्रचार प्रसार में रामकथा की भूमिका पर 12 मई को अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इस दौरान अलग-अलग संस्थानों में अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जिसमें नवगीत, माधुरी सिंह, मीमांसा ओझा आदि ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं और ललित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में रामलीला का मंचन किया गया।

अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेने वाले मॉरीशस के विद्वानों में विनोद वाला अरुण, राजवंती मातादीन, सुनीता पाहुजा, सरिता बुधु, अलका धनपत, बी डी मुंजल, रामप्रताप, पी महादेव आदि शामिल रहे।

भाषा अनवर सुरभि

सुरभि

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)