गृह विभाग नीतीश को, तेजस्वी को मिला स्वास्थ्य, पथ निर्माण, भाजपा के अधिकांश विभाग राजद-कांग्रेस की झोली में |

गृह विभाग नीतीश को, तेजस्वी को मिला स्वास्थ्य, पथ निर्माण, भाजपा के अधिकांश विभाग राजद-कांग्रेस की झोली में

गृह विभाग नीतीश को, तेजस्वी को मिला स्वास्थ्य, पथ निर्माण, भाजपा के अधिकांश विभाग राजद-कांग्रेस की झोली में

: , August 16, 2022 / 08:32 PM IST

पटना, 16 अगस्त (भाषा) बिहार की नवगठित महागठबंधन सरकार में मंगलवार को हुए विभागों के आवंटन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनुमान के अनुसार गृह विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखा है। राज्य के पुलिस बल पर गृह विभाग का सीधा नियंत्रण होता है।

नीतीश की पार्टी जदयू (जनता दल यूनाइटेड) के अधिकांश मंत्रियों को जहां उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी फिर से सौंपी गई है, वहीं वहीं सत्ता में शामिल हुए नए सहयोगियों राजद (राष्ट्रीय जनता दल) और कांग्रेस को वे विभाग मिले हैं जो पहले भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के पास थे।

मुख्यमंत्री नीतीश ने अपने पास गृह विभाग के अलावा सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी एवं निर्वाचन विभाग तथा ऐसे सभी विभागों का प्रभार रखा है जो किसी को आवंटित नहीं किए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री के रूप में पांच साल बाद सत्ता में वापसी करने वाले राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को स्वास्थ्य, पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास और ग्रामीण कार्य जैसे प्रमुख विभाग मिले हैं।

तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

दिलचस्प बात यह है कि तेजप्रताप नीतीश कुमार नीत महागठबंधन की पिछली सरकार (2015-2017) में स्वास्थ्य मंत्री थे और मीडिया के एक वर्ग में ऐसी अटकलें थीं कि वह अपना पुराना विभाग वापस चाहते हैं।

गौरतलब है कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के शासन काल में स्वास्थ्य विभाग भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय के पास था।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा केवल विजय कुमार चौधरी (वित्त, एवं वाणिज्यि कर और संसदीय मामले), बिजेंद्र यादव (उर्जा और योजना एवं विकास) और संजय कुमार झा (जल संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी मिली है।

चौधरी को आवंटित वित्त विभाग पूर्ववर्ती राजग और महागठबंधन सरकारों में अन्य सहयोगी दलों के पास रहा है।

राजग सरकार के दौरान वित्त विभाग पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी और तारकिशोर प्रसाद के पास था जबकि पिछली महागठबंधन सरकार में यह राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के पास था।

राजद के वरिष्ठ नेता सिद्दीकी वर्तमान में राज्य विधानमंडल में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।

विजय कुमार चौधरी को इस बार शिक्षा विभाग का प्रभार नहीं सौंपा गया है, इसकी जिम्मेदारी राजद के चंद्रशेखर को सौंपी गई है।

जदयू के अन्य मंत्रियों में अशोक चौधरी (भवन निर्माण), श्रवण कुमार (ग्रामीण विकास), शीला कुमारी (परिवहन), सुनील कुमार (मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन), ज़मा खान (अल्पसंख्यक कल्याण), लेशी सिंह (खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण) और मदन सहनी (समाज कल्याण) को उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

पहले ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री रहे जदयू नेता जयंत राज को इस बार लघु जल संसाधन विभाग का कार्यभार सौंपा गया है। यह विभाग पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम, जीतन राम मांझी की पार्टी) के संतोष कुमार सुमन के पास था।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष को अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्यमंत्री के प्रति एकजुटता दिखाते हुए राजग से अलग हुए निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री के पद पर बने रहेंगे। उद्योग विभाग राजद के समीर कुमार महासेठ को आवंटित किया गया है। पिछली सरकार में यह भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन के पास था।

कांग्रेस के मंत्री अफाक आलम और मुरारी गौतम को क्रमशः पशु एवं मत्स्य संसाधान और पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को कृषि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार मेहता और ललित यादव को क्रमशः राजस्व एवं भूमि सुधार और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग दिया गया है।

राजद के अन्य मंत्रियों सुरेंद्र प्रसाद यादव को सहकारिता, रामानंद यादव को खान एवं भूतत्व, अनीता देवी को पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण, जितेंद्र कुमार राय को कला, संस्कृति एवं युवा, कार्तिकेय कुमार को विधि, शाहनवाज आलम को आपदा प्रबंधन, शमीम अहमद को गन्ना उद्योग, सुरेंद्र राम को श्रम संसाधन और मोहम्मद इसराइल मंसूरी को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

भाषा अनवर राजकुमार अर्पणा

अर्पणा

 

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