बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ ही विपक्ष बंटा हुआ दिखा

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ ही विपक्ष बंटा हुआ दिखा

Edited By: , November 30, 2021 / 01:14 AM IST

पटना, 29 नवंबर (भाषा) बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन के बिखर जाने का दावा करते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि राजग का विरोध करने वाले सभी दल विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान सत्ताधारी गठबंधन को विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर घेरने का काम करेगी।

बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर विधानमंडल के दोनों सदनों के पार्टी के सदस्यों की बैठक के बाद प्रदेश के विपक्षी महागठबंधन का नेतृत्व करने वाले राजद के साथ हाल में संबंध टूट जाने को लेकर कांग्रेस के रुख के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब कोई महागठबंधन नहीं है।’’

उन्होंने यह भी कहा,‘‘ कांग्रेस महागठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी घटक थी और उसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि लोगों द्वारा चुने गए एक विधायक का भी सदन में महत्व है। हमारे पास 19 विधायक हैं।’’

बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि राजग को चुनौती देने के लिए यह महागठबंधन अस्तित्व में आया था। उन्होंने कहा, ‘‘सदन के अंदर हर पार्टी को अपना रास्ता खुद बनाना होगा।’’

हालांकि मिश्रा ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि एक विभाजित विपक्ष सत्तारूढ़ राजग के लाभ के लिए हो सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के सभी विधायक चाहे वे कांग्रेस, राजद या वाम दलों के हों, अपने मतदाताओं के प्रति जवाबदेह हैं और हम सभी को इसे ध्यान में रखना चाहिए ।

शर्मा ने कहा कि नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में बिहार में उच्च गरीबी दर को रेखांकित किया गया है और इसविषय पर कांग्रेस विधायक चक्की के साथ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करेंगे ।

कांग्रेस नेता ने नीतीश के हालिया बयान पर भी हैरानी जताई कि उन्हें नीति आयोग की रिपोर्ट की जानकारी नहीं है।मिश्रा ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार एक शिक्षित व्यक्ति हैं। एक मुख्यमंत्री के रूप में वह इस तरह की बातों का सहारा नहीं ले सकते।’’

हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा की दो सीटों के उपचुनाव से पहले राजद और कांग्रेस के रास्ते अलग हो गए।

इस उपचुनाव में प्रदेश में सत्ताधारी राजग ने जीत हासिल की थी और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने दोनों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।

भाषा अनवर

राजकुमार

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