शपथ ग्रहण समारोह में मोदी का ‘गमछा’ लहराना बना आकर्षण

शपथ ग्रहण समारोह में मोदी का ‘गमछा’ लहराना बना आकर्षण

शपथ ग्रहण समारोह में मोदी का ‘गमछा’ लहराना बना आकर्षण
Modified Date: November 20, 2025 / 06:14 pm IST
Published Date: November 20, 2025 6:14 pm IST

पटना, 20 नवंबर (भाषा) पटना के गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘गमछा’ लहराना भीड़ के आकर्षण का केंद्र रहा।

जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने गमछा लहराया, गांधी मैदान में मौजूद करीब तीन लाख लोगों की भीड़ में उत्साह का माहौल बन गया।

कार्यक्रम में कलाकारों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुति देकर मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, ओडिशा, हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों का मन मोह लिया।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ पूरी करते ही प्रधानमंत्री ने भीड़ की ओर ‘गमछा’ लहराया, जिससे देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई।

सबसे पहले ‘सामा-चकवा’ की रंगारंग प्रस्तुति हुई, जो मिथिला क्षेत्र का लोकप्रिय लोकनृत्य है और भाई-बहन के प्रेम का उत्सव माना जाता है।

महिला कलाकारों के एक समूह ने यह नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।

इसके बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों की महिला कलाकारों ने अलग-अलग क्षेत्रों के गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।

मुख्य मंच के अलावा एक अन्य मंच पर भोजपुरी अभिनेता, गायक और भाजपा सांसद मनोज तिवारी तथा भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने लोकप्रिय गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गांधी मैदान में आने वाले विशिष्ट अतिथियों के लिए विशेष चाय और बिहार के पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा, मठरी और मखाना-खीर की व्यवस्था की गई थी।

समारोह में आने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी।

पटना शहर को भी पोस्टरों और बैनरों से सजाया गया था जिनमें सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं का स्वागत किया गया था।

शहर के प्रमुख स्थानों पर मोदी, शाह, नीतीश कुमार और राजग के अन्य नेताओं के पोस्टर लगाए गए थे।

पटना के प्रसिद्ध बेली रोड के दोनों ओर राजग के शीर्ष नेताओं के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए थे।

भाषा कैलाश जितेंद्र नरेश

नरेश


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