Raigarh Assembly Election 2023 : रायगढ़ में इन परिवारों के इर्दगिर्द घूमती है कांग्रेस की टिकट, भाजपा ने लगाया परिवारवाद का आरोप
Raigarh Assembly Election 2023 : रायगढ़ जिले में कांग्रेस की टिकट परिवार विशेष के इर्दगिर्द ही घूमती रही है। तीन विधानसभा सीटों में यही
Raigarh Assembly Election 2023
अविनाश पाठक की रिपोर्ट…
रायगढ़ : Raigarh Assembly Election 2023 : रायगढ़ जिले में कांग्रेस की टिकट परिवार विशेष के इर्दगिर्द ही घूमती रही है। तीन विधानसभा सीटों में यही स्थिति है। खरसिया में जहां नंदकुमार पटेल के बाद बेटे उमेश पटेल पिछले दो बार से विधायक हैं। वहीं रायगढ़ में प्रकाश नायक और धरमजयगढ़ में लालजीत सिंह राठिया के साथ भी वही स्थिति है। ऐसे में इस चुनाव में भाजपा स्थानीय मुद्दों के साथ ही साथ परिवारवाद को भी मुद्दा बना रही है।
विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आते ही राजनैतिक पार्टियां मुद्दों को लेकर मुखर हो रही हैं। रायगढ़ जिले की बात करें तो भाजपा ने यहां स्थानीय समस्याओं और जरुरतों को तो मुद्दा बनाया ही हुआ है लेकिन इन सबसे इतर इस बार परिवारवाद भी बड़ा मुद्दा है जिसे लेकर भाजपा जनता के बीच जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले की तीन सीटों पर लंबे समय से परिवार विशेष का ही कब्जा रहा है।
रायगढ़ सीट पर है प्रकाश नायक का कब्जा
Raigarh Assembly Election 2023 : बात करें रायगढ़ सीट की तो इस सीट पर प्रकाश नायक विधायक हैं और दूसरी पारी के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसके पहले उनके पिता डॉ शक्राजीत नायक कांग्रेस की टिकट से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें उन्हें एक बार जीत व दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा था। इसके पहले केके गुप्ता 1980 से 2003 तक लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। जबकि उनके पहले रामकुमार अग्रवाल भी लगातार चार बार विधायक रहे।
खरसिया विधानसभा सीट पर है पटेल परिवार का दबदबा
खरसिया विधानसभा सीट भी परिवार विशेष के पास ही रही। यहां से भी नंदकुमार पटेल 1990 लगातार चार बार विधायक चुनकर आए। झीरम हमले में उनकी मौत के बाद उनके बेटे उमेश पटेल लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं। जिले की धरमजयगढ़ सीट पर भी आदिवासी नेता व पूर्व मंत्री चनेश राम राठिया लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। 2003 और 2008 के दो चुनाव में उन्हें हार मिली लेकिन फिर उसके बाद उनके बेटे लाल जीत सिंह राठिया 2013 और 2018 में जीत चुके हैं और तीसरी पारी की तैयारी कर रहे हैं।
भाजपा बना रही परिवारवाद का मुद्दा
Raigarh Assembly Election 2023 : भाजपा अब इन सीटों पर आंकड़ों के आधार पर परिवारवाद को मुद्दा बना रही है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर विधानसभा स्तर तक परिवारवाद हावी है। यहां के नेता कार्यकर्ताओं को आगे नहीं बढने देना चाहते और यही वजह है कि पार्टी में टिकट के लिए अँधरुनी तौर पर घमासान मचा हुआ है और टिकट के दावेदार परिवारवाद के खिलाफ रायपुर से लेकर दिल्ली तक टिकट के लिए दौड लगा रहे हैं। भाजपा इस चुनाव में इसे मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रही है।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि, कांग्रेस परिवारवाद से ग्रषित पार्टी है रायगढ़ विधानसभा और धरमजयगढ़ में दिखाई देता है पहले चनेश राम राठिया फिर लालजीत राठिया, शक्राजीत नायक फिर प्रकाश नायक कुल मिलाकर परिवारवाद दिखाई देता है। आम कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है यही वजह है कि आम चुनाव में गुटबाजी नजर आती है और इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। हम तो घर घर तक उस मुद्दे को पहुंचाएंगे कार्यकर्ता खुद इस बात से क्षुब्ध हैं कि क्या कारण है कि परिवारवाद हावी है।
राजनैतिक विश्वेषकों ने कहा दोनों पार्टियों में हावी है परिवारवाद
Raigarh Assembly Election 2023 : इधर राजनैतिक विश्वेषकों की इस मामल में अलग ही दलील है। उनका कहना है कि कांग्रेस ही नहीं भाजपा में भी परिवारवाद हावी रहा है। जशपुर से लेकर लैलूंगा तक की सीट पर नजर डालें तो परिवारवाद दिखाई देता है। जशपुर चंद्रपुर में जूदेव परिवार और लैलूंगा में पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया के परिवार को ही चेहरे बदलकर पार्टी टिकट देती रही है। ऐसे में ये कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जो कि मतदाताओं पर असर डालेगा। इधऱ कांग्रेस का कहना है कि डाक्टर का बेटा डाक्टर या नेता का बेटा नेता नहीं बन सकता ये कहां लिखा हुआ है। वे खुद से नहीं बल्कि पार्टी के विश्वास और जनता के आशीर्वाद से चुने गए हैं। भाजपा मुद्दाविहीन है और ऐसे में कुछ भी आरोप लगा रही है। इस चुनाव में कांग्रेस की जनहितकारी योजनाओं और उनके पांच सालों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यो के बीच वे जनता के बीच जाने को तैयार हैं और उन्हें यकीन है कि इस बार भी जनता का आशीर्वाद जरुर मिलेगा।

Facebook


