‘बैंक अधिकारी बनकर ही दम लूंगी’ ,नेहा मिश्रा, धार
‘बैंक अधिकारी बनकर ही दम लूंगी’ ,नेहा मिश्रा, धार
कहते हैं सफलता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। नेहा ने इस वाक्य को अक्षरशः सच कर दिखाया है। प्रदेश की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाली नेहा अपने पिता का सपना पूरा करना चाहती है। उसका कहना है कि वह बैंक अधिकारी बनेगी।
धार जिले के औदयोगिक क्षेत्र पीथमपुर सेक्टर तीन के इंडोरामा क्षेत्र के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती है धार जिले की टॉपर नेहा मिश्रा। नेहा की पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात की जाए तो उसके पिता भवनेश मिश्रा 20 साल पहले रोजगार की तलाश में पीथमपुर आए थे और फिलहाल सेक्टर तीन की अमित रबर इंडस्ट्री में मामूली वेतन पर काम करते हैं। होनहार छात्रा नेहा अपने मम्मी-पापा और छोटे भाई के साथ कंपनी के ही 10 गुना 8 के दो कमरे वाले छोटे से मकान में रहती है। प्रदेश की प्रावीण्य सूची में दसवां और जिले में टॉपर बनने के इस मुकाम पर पहुंचने के लिए नेहा ने काफी मेहनत की है। नेहा कहती है कि पढ़ाई के मामले में कोई समय सीमा नहीं रही। जब भी समय मिल जाता है पढ़ाई करने बैठ जाती हूं। आर्थिक परिस्थितियों के चलते नेहा ने कोई ट्यूशन नहीं ली। स्कूल के अलावा प्रतिदिन लगभग 6 से 8 घंटे का वक्त वो अपनी पढ़ाई पर देती थी। वह अपने पिता भवनेश मिश्रा और मां मीनू मिश्रा को अपना प्रेरणास्त्रोत मानती है। नेहा कहती है कि मेरे पापा ने किसी भी स्थिति में कभी भी पढ़ाई के मामले में कोई परेशानी नहीं आने दी। साथ ही जब भी मैं नर्वस हो जाती हूं तो मेरी मम्मी और सहेलियां हमेशा मेरे साथ खड़ी रहती हैं और मेरा मनोबल नहीं टूटने देती। साथ ही पढ़ाई में कोई भी मुश्किल हो तो न्यू पीथमपुर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का पूरा टीचर स्टाफ खासकर प्रिंसिपल सर, शिक्षिका मुनेश परदेशी, शिक्षिका सुनीता मिश्रा, सहपाठी निशा गुप्ता और साथी छात्र-छात्राओं ने हमेशा हौसला बढ़ाया। भविष्य में नेहा अपने पापा का सपना पूरा करना चाहती है और बैंक में अधिकारी के रूप में सेवा देना चाहती है। फिलहाल वो पीथमपुर के इंडोरामा में ही है और आगे की पढ़ाई की तैयारियों में जुटी हुई है।

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