MEA Press Conference Live Today: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत-ईरान के बीच के बातचीत, इस मुद्दे को लेकर हुई दोनों देशों के बीच चर्चा, देशवासियों को मिल सकती है बड़ी राहत

MEA Press Conference Live Today: स्ट्रेट ऑफ हार्मुज तनाव के बीच भारत-ईरान वार्ता में ऊर्जा और शिपिंग सुरक्षा पर चर्चा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस।

MEA Press Conference Live Today: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत-ईरान के बीच के बातचीत, इस मुद्दे को लेकर हुई दोनों देशों के बीच चर्चा, देशवासियों को मिल सकती है बड़ी राहत

MEA Press Conference Live Today || Image- ANI File

Modified Date: March 12, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: March 12, 2026 5:09 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जयशंकर-ईरानी विदेश मंत्री के बीच ऊर्जा सुरक्षा चर्चा
  • हार्मुज क्षेत्र में 28 भारतीय जहाज सक्रिय
  • ईरान में 9000 भारतीयों में से कई लौटे

MEA Press Conference Live Today: नई दिल्ली: ईरान के भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की इजाजत देने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत के विदेश मंत्री और ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में 10 मार्च को हुई बातचीत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की थी।

ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ईरान द्वारा भारत-झंडे वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति देने की रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री ने हाल के दिनों में तीन बार बातचीत की। आखिरी बातचीत में शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे चर्चा में थे। इसके आगे कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अराघची के साथ विस्तृत बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने संपर्क में रहने का निर्णय लिया। हालांकि, ईरान या भारत ने किसी प्रकार के भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर कोई आधिकारिक समझौता नहीं किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बीच बयान जारी कर कहा कि फारस की खाड़ी में असुरक्षित स्थिति और शिपिंग में व्यवधान के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जिम्मेदार है। दोनों देशों की ओर से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के बारे में कोई संकेत नहीं दिया गया।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पूर्व और पश्चिमी हिस्सों में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज परिचालन में हैं, जिन पर 778 भारतीय नाविक सवार हैं। अधिकारियों, शिप मैनेजर और रिक्रूटमेंट एजेंसियां भारतीय दूतावासों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित कर रही हैं।

पड़ोसियों को राहत देने पर विचार

MEA Press Conference Live Today: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि, भारत रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक बड़ा एक्सपोर्टर रहा है। जहां तक पड़ोसियों के डिमांड का सवाल है तो बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों ने डीजल सप्लाई की मांग की है। प्रवक्ता ने बताया कि, बांग्लादेश सरकार से डीजल की सप्लाई के लिए एक रिक्वेस्ट मिली है जबकि मालदीव समेत कई दूसरे देशों से भी ऐसी रिक्वेस्ट मिली। हालांकि सरकार सप्लाई से पहले भारत के ईंधन की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इनपर विचार कर रही है।

ईरान में 9000 भारतीय, ज्यादातर आये वापस

मध्य एशिया में फंसे भारतीयों की मौजूदा स्थिति पर रणधीर जायसवाल ने खा कि, “ईरान में लगभग 9,000 इंडियन नागरिक थे या हैं। इन 9,000 इंडियन नागरिकों में स्टूडेंट, नाविक, बिज़नेस करने वाले, प्रोफेशनल और कुछ तीर्थयात्री शामिल हैं। कई इंडियन नागरिक, जिनमें ज़्यादातर स्टूडेंट हैं, देश छोड़कर घर पहुंच गए। हमने तेहरान में मौजूद कई इंडियन नागरिकों, जिनमें स्टूडेंट और तीर्थयात्री शामिल हैं, को देश के दूसरे सुरक्षित जगहों और शहरों में शिफ्ट कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि, “हम उन इंडियन नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं जो अज़रबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं। और वहां से कमर्शियल फ्लाइट्स लेकर घर वापस आ सकें। हम उन्हें वीज़ा दिलाने में मदद कर रहे हैं। हम उन्हें लैंड बॉर्डर क्रॉस करने में भी मदद कर रहे हैं। कई भारतीय नागरिकों ने हमसे संपर्क किया है और हमने उन्हें अज़रबैजान और आर्मेनिया में घुसने और वहां से कमर्शियल फ्लाइट्स लेकर घर वापस आने में मदद की है। मैं इस मौके पर उन सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देना चाहूंगा जो लैंड बॉर्डर के रास्ते ईरान छोड़ना चाहते हैं। उन्हें हमारी एम्बेसी की जारी की गई एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।”

इन्हें भी पढ़ें:-

यह भी देखें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown