RSS Chief Mohan Bhagwat Hoist Flag in RSS Headquarter Nagpur

मोहन भागवत ने RSS मुख्यालय में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को दी सलामी

मोहन भागवत ने RSS मुख्यालय में फहराया तिरंगा! RSS Chief Mohan Bhagwat Hoist Flag in RSS Headquarter Nagpur

Edited By: , August 15, 2022 / 08:51 AM IST

नागपुरः Mohan Bhagwat Hoist Flag भारत आजादी के 75 साल पूरे होने पर स्वतंत्रता दिवस को अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है और इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया। वहीं, स्वतंत्रता दिवस के अवसर नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में मोहन भागवत ने झंडा रोहण किया। वहीं, पीएम मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं। बहुत-बहुत बधाई। मैं विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

Read More: बस्तर की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट के शिखर पर लहराया तिरंगा, बनीं प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही

Mohan Bhagwat Hoist Flag ये देश का सौभाग्य रहा है कि आज़ादी की जंग के कई रूप रहे हैं। उसमें एक रूप वो भी था जिसमें नारायण गुरु हो, स्वामी विवेकानंद हों, महर्षि अरविंदो हों, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर हों, ऐसे अनेक महापुरूष हिंदुस्तान के हर कोने में भारत की चेतना को जगाते रहे। हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैंकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो, जीवन न खपाया हो, यातनाएं न झेली हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।

Read More: Popular Patriotic Films: जानिए उन देशभक्ति फिल्मों के बारे में जो जगाती हैं हर भारतीय में देशप्रेम की भावना

देश कृतज्ञ है मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद, असफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल ऐसे अनगिनत ऐसे हमारे क्रांति वीरों ने अंग्रेजों की हुकूमत की नींव हिला दी थी। भारत लोकतंत्र की जननी है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जिनके ज़हन में लोकतंत्र होता है वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं वो सामर्थ्य दुनिया की बड़ी बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी।

Read More: भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के सम्मान में उसके लोगों के साथ है अमेरिका : बाइडन

हमारे भारत ने सिद्ध कर दिया कि हमारे पास ये अनमोल सामर्थ्य है। 75 साल की यात्रा में आशाएं, अपेक्षाएं, उतार-चढ़ाव सब के बीच हर एक के प्रयास से हम यहां तक पहुंच पाए। आज़ादी के बाद जन्मा मैं पहला व्यक्ति था जिसे लाल किले से देशवासियों का गौरव गान करने का अवसर मिला। हिंदुस्तान के हर कोने में उन सभी महापुरुषों को याद करने का प्रयास किया गया, जिनको किसी न किसी कारणवश इतिहास में जगह न मिली, या उनकों भुला दिया गया था। आज देश ने खोज खोज कर ऐसे वीरों, महापुरुषों, बलिदानियों, सत्याग्रहियों को याद किया, नमन किया।

Read More: आजादी का अमृत महोत्सव: लाल किले में पीएम मोदी ने किया ध्वजारोहण, देश को कर रहे हैं संबोधित

अब देश बड़े संकल्प लेकर चलेगा, और वो बड़ा संकल्प है विकसित भारत और उससे कुछ कम नहीं होना चाहिए। दूसरा प्राण है किसी भी कोने में हमारे मन के भीतर अगर गुलामी का एक भी अंश हो उसे किसी भी हालत में बचने नहीं देना। तीसरी प्राण शक्ति- हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए… चौथा प्राण है- एकता और एकजुटता… पांचवां प्राण है- नागरिकों का कर्तव्य, इसमें प्रधानमंत्री भी बाहर नहीं होता है, राष्ट्रपति भी बाहर नहीं है। आने वाले 25 साल के लिए हमें उन पंच प्राण पर अपनी शक्ति को केंद्रित करना होगा। 2047 जब आज़ादी के 100 साल होंगे, आज़ादी के दिवानों के सारे सपने पूरे करने का जिम्मा उठाकर चलना होगा।

Read More: काहिरा के चर्च में आग लगने से 15 बच्चों सहित 41 लोगों की मौत

जब तनाव की बात होती है तो लोगों को योग दिखता है, सामूहिक तनाव की बात होती है तो भारत की पारिवारिक व्यवस्था दिखती है। संयुक्त परिवार की एक पूंजी सदियों से हमारी माताओं के त्याग बलिदान के कारण परिवार नाम की जो व्यवस्था विकसित हुई, ये हमारी विरासत है जिसपर हम गर्व करते हैं। हम जीव में भी शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नर में नारायण देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं जो पौधे में परमात्मा देखते हैं… ये हमारा सामर्थ्य है, जब विश्व के सामने खुद गर्व करेंगे तो दुनिया करेगी।

Read More: Independence Day 2022 : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देश को किया संबोधित, कहा – सेनानियों श्रद्धांजलि देने का है ये अवसर