बैंक की कर्ज वृद्धि में आ सकती है कमी, एनपीए बढ़ने की आशंका: क्रिसिल रेटिंग्स

बैंक की कर्ज वृद्धि में आ सकती है कमी, एनपीए बढ़ने की आशंका: क्रिसिल रेटिंग्स

बैंक की कर्ज वृद्धि में आ सकती है कमी, एनपीए बढ़ने की आशंका: क्रिसिल रेटिंग्स
Modified Date: April 1, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: April 1, 2026 3:49 pm IST

मुंबई, एक अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने वित्त वर्ष 2026-27 में बैंकों की ऋण वृद्धि में मामूली गिरावट और कर्ज लौटाने में चूक बढ़ने का अनुमान जताया है।

क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि बैंक 2026-27 में कर्ज में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेंगे। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित 14 प्रतिशत की तुलना में मामूली गिरावट है।

रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (निष्पादित परिसंपत्तियां) अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं और मार्च, 2027 तक 0.20 प्रतिशत बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक हो सकती हैं।

मुख्य रेटिंग अधिकारी कृष्णन सीतारमण ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों को दिए गए ऋण पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर उन छोटे उद्योगों के मामले में जिनका पश्चिम एशिया में बाजार है या फिर वे वहां से कच्चे माल लेते हैं। इसके साथ संपत्ति के बदले दिए गए छोटी राशि के कर्ज और कुछ बिना गारंटी वाले ऋण पर भी नजर रखने की जरूरत है।

उन्होंने स्वीकार किया कि सेरेमिक और हीरा पॉलिश जैसे क्षेत्रों में इकाइयों को पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पहले ही प्रतिकूल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर राहत पैकेज दिया जा सकता है, क्रिसिल के अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि राजकोषीय और मौद्रिक प्राधिकरण प्रतिकूल घटनाओं के बाद उद्योग के लिए उपयुक्त कदम उठा सकते हैं।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि युद्ध लंबा चलने पर ये उपाय लागू किए जा सकते हैं। हालांकि, राहत उपायों के सटीक प्रभाव का अनुमान लगाना फिलहाल कठिन है।

परिसंपत्ति की गुणवत्ता के अलावा, बैंकों द्वारा जमा जुटाने पर भी नजर रखने की जरूरत है क्योंकि यह ऋण वृद्धि को भी प्रभावित करेगा।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अंतिम ऋण वृद्धि बैंकों द्वारा जमा जुटाने के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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