आईटी पर खर्च बेहतर, अमेरिका, यूरोपीय बाजारों में मजबूती बरकरार: इन्फोसिस सीईओ |

आईटी पर खर्च बेहतर, अमेरिका, यूरोपीय बाजारों में मजबूती बरकरार: इन्फोसिस सीईओ

आईटी पर खर्च बेहतर, अमेरिका, यूरोपीय बाजारों में मजबूती बरकरार: इन्फोसिस सीईओ

: , August 9, 2022 / 07:20 PM IST

(मौमिता बक्शी चटर्जी)

बेंगलुरु, नौ अगस्त (भाषा) देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा कंपनी इन्फोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सलिल पारेख ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च बेहतर होने के साथ चालू वित्त वर्ष के लिये राजस्व वृद्धि के परिदृश्य को बढ़ाकर 14 से 16 प्रतिशत किया गया है और यह काफी संतोषजनक है।

पारेख ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि कंपनी अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में लगातार मजबूती देख रही है। हालांकि, कंपनी वृहत आर्थिक परिवेश पर भी नजर रखे हुए है क्योंकि ये चीजें ऐसी हैं, जिनपर निरंतर ध्यान देने की जरूरत है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका के बीच इन्फोसिस के सीईओ ने यह बात कही है।

कई विश्लेषकों ने ऊंची महंगाई दर को लेकर चिंता जतायी है और कुछ बड़ी वैश्विक तकनीकी कंपनियां आर्थिक नरमी की आशंका के बीच आक्रामक नियुक्ति योजनाओं से पीछे हट रही हैं।

पारेख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी के ऊपर खर्च अच्छी स्थिति में है और ग्राहक डिजिटलीकरण पर पूरा ध्यान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लागत दक्षता और स्वचालन दोहरे इंजन के रूप में काम कर रहे हैं।

पारेख ने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष समस्याएं बढ़ती है, तो स्वचालन तथा लागत दक्षता कंपनियों के लिये और महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पहली तिमाही में हमारी वृद्धि 21 प्रतिशत रही और हमने पूरे वित्त वर्ष में राजस्व वृद्धि का अनुमान 14 से 16 प्रतिशत किया है…हम इस साल इतनी वृद्धि देख रहे हैं, जो काफी संतोषजनक है…।’’

पारेख ने कहा कि मुद्रास्फीति को लेकर काफी बात हो रही है और यह ऊंची बनी हुई है। हालांकि, अमेरिका और यूरोप में जुलाई में ग्राहकों के खर्च के आंकड़ों में सालाना आधार पर वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक अलग सुधार को बताता है। उपभोक्ता खर्च का आंकड़ा अच्छा है और यह एक उदाहरण है कि जो बताता है कि क्या हो रहा है।’’

कंपनी के निदेशक मंडल और संस्थापकों के बीच कंपनी संचालन को लेकर सार्वजनिक स्तर पर विवाद और सीईओ विशाल सिक्का के इन्फोसिस से बाहर होने के बाद पारेख ने जनवरी, 2018 में आईटी क्षेत्र की कंपनी की बागडोर संभाली थी। पिछले कुछ साल में उन्होंने कंपनी को चुनौतियों से बाहर निकाला और उसे फिर से स्थिरता के रास्ते पर लेकर आए।

भाषा रमण अजय

अजय

 

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