व्हाट्सऐप वेब के जरिए फैल रहे मैलवेयर को लेकर सीईआरटी-आईएन ने किया आगाह
व्हाट्सऐप वेब के जरिए फैल रहे मैलवेयर को लेकर सीईआरटी-आईएन ने किया आगाह
नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) व्हाट्सऐप वेब और डेस्कटॉप उपयोगकर्ताओं को मैलवेयर के जरिए बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोगों के उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच बनाने तथा संवेदनशील जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही हैं। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-आईएन) ने यह जानकारी दी।
सीईआरटी-आईएन ने व्हाट्सऐप वेब और डेस्कटॉप उपयोगकर्ताओं को किसी भी फाइल को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी है, भले ही वे किसी दोस्त, सहकर्मी या परिवार के सदस्य की तरफ से ही क्यों न प्राप्त हुई हों।
एजेंसी ने 25 जून को जारी परामर्श में कहा, ‘‘यह देखा गया है कि बड़े पैमाने पर मैलवेयर फैलाने के एक अभियान से व्हाट्सऐप डेस्कटॉप और व्हाट्सऐप वेब उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।’’
कैस्परस्की और सिक्योरलिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि खतरा पैदा करने वाले लोग हैक किए गए व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल करके सीधे पीड़ितों को खतरनाक फाइल भेजते हैं। इससे मैसेज असली लगते हैं और सफल हमले की आशंका काफी बढ़ जाती है।
सीईआरटी-आईएन ने कहा, ‘‘हमलावर पहले से हैक किए गए व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल करके उपयोगकर्ता के परिचित लोगों को खतरनाक फाइल भेजते हैं। जान पहचान वाले व्यक्ति के नंबर से मैसेज आने की वजह से इन्हें प्राप्त करने वाला व्यक्ति फाइल को खोलने के लिए जल्दी तैयार हो सकते हैं।’’
मैलवेयर हमले में सफलता मिलते ही साइबर अपराधी उपकरण का रिमोट एक्सेस (उपकरण पर नियंत्रण) हासिल कर सकते हैं, धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के लिए निजी जानकारी चुरा सकते हैं। इन सब से लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
भाषा यासिर योगेश
योगेश

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