हरियाणा में नौ जिलों में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम शुरू

हरियाणा में नौ जिलों में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम शुरू

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  • Publish Date - November 7, 2023 / 07:43 PM IST,
    Updated On - November 7, 2023 / 07:43 PM IST

नयी दिल्ली, सात नवंबर (भाषा) पराली जलाने से बढ़ने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने पहल की है। इसके तहत राज्य सरकार परामर्श प्रदाता कंपनी डेलॉयट के सहयोग से प्रदेश के नौ जिलों में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम लागू कर रही है।

डेलॉयट की मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हरियाणा के इन नौ जिलों में राज्य का 90 प्रतिशत से ज्यादा एएफएल (एक्टिव फायर लोकेशन) क्षेत्र है यानी सबसे अधिक पराली जलाने की घटना इन क्षेत्रों में होती है। इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप, 30 अक्टूबर, 2023 तक नौ जिलों में एएफएल 46 प्रतिशत कम हुए हैं।

इस पहल के तहत, डेलॉयट ने एक ऐप- ‘कृषि यात्रा साथी ऐप’ विकसित किया है। यह ऐप ऐसी सुविधाओं से युक्त है जिनकी मदद से छोटे और कमजोर किसानों के लिए प्राथमिकता के आधार पर सेवा हासिल करना संभव होता है। साथ ही, यह तीन से पांच दिनों की छोटी अवधि में जमीन को खाली करने के इच्छुक किसानों को तत्काल समाधान उपलब्ध कराया जाता है।

विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि 31 अक्टूबर, 2023 तक, डेलॉयट को 41,025 किसानों से 1.17 लाख ‘बुकिंग’ के अनुरोध प्राप्त हुए हैं। ये अनुरोध करने वाले किसानों में से 44 प्रतिशत छोटे और कमजोर किसान हैं। ये उन किसानों का समूह है जो उपकरण सेवा प्रदाताओं की उपलब्धता और वित्तीय व्यवहार्यता की कमी यानी ऊंची लागत होने के कारण अपनी जमीन खाली नहीं करा पाए थे।

इसमें कहा गया है कि हरियाणा सरकार के सहयोग से डेलॉयट ने गांव-गांव तक पहुंच कायम करके, नौ जिलों में ऐसे 3,000 से अधिक उपकरण सेवा प्रदाताओं को अपने साथ जोड़ा है, जिनके पास फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपकरण उपलब्ध हैं।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण