निर्यात-उन्मुख विनिर्माण इकाइयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर गैस आवंटन की मांग
निर्यात-उन्मुख विनिर्माण इकाइयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर गैस आवंटन की मांग
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) निर्यातकों के निकाय फियो ने बृहस्पतिवार को सरकार से निर्यात-उन्मुख विनिर्माण इकाइयों (ईओयू) को प्राथमिकता के आधार पर तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और प्राकृतिक गैस आवंटित करने का आग्रह किया है।
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) का कहना है कि ईंधन की उपलब्धता में किसी भी व्यवधान से उत्पादन को बनाए रखने में समस्या पैदा होगी।
फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को पत्र लिखा है।
रल्हन ने कहा, ‘‘विनिर्माण निर्यातक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। निर्यात-उन्मुख इकाइयों और निर्यात-उन्मुख एसएमई के लिए ईंधन के रूप में एलपीजी और प्राकृतिक गैस का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर करने की तत्काल आवश्यकता है।’’
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट ने कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर दिया है। सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन के लिए प्राथमिकता क्रम को संशोधित किया है, जिसमें सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) के साथ एलपीजी उत्पादन को शीर्ष पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि निर्यात-उन्मुख विनिर्माण इकाइयां अत्यधिक प्रतिस्पर्धी वैश्विक वातावरण में काम कर रही हैं और चीन तथा दूसरी पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। बड़े वैश्विक खरीदार अपने आपूर्तिकर्ताओं से निर्बाध उत्पादन और समय पर आपूर्ति की अपेक्षा करते हैं।
वाणिज्य मंत्रालय को भेजे गए पत्र में फियो ने कहा, ‘‘ईंधन की उपलब्धता बाधित होने पर भारतीय निर्यातक उत्पादन कार्यक्रम को बनाए रखने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खरीदार अपने ऑर्डर प्रतिस्पर्धी देशों, विशेष रूप से चीन को देने के लिए मजबूर हो जाते हैं।’’
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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