वित्त मंत्रालय ने कारोबार सुगमता सुधारों को लेकर ओडिशा को अतिरिक्त कर्ज की अनुमति दी

वित्त मंत्रालय ने कारोबार सुगमता सुधारों को लेकर ओडिशा को अतिरिक्त कर्ज की अनुमति दी

वित्त मंत्रालय ने कारोबार सुगमता सुधारों को लेकर ओडिशा को अतिरिक्त कर्ज की अनुमति दी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:59 pm IST
Published Date: December 30, 2020 4:14 pm IST

नयी दिल्ली,30 दिसंबर (भाषा) वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने ओडिशा को 1,429 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दी है। कारोबार सुगमता के क्षेत्र में सुधारों को लागू करने के लिये राज्य को यह अनुमति दी गयी है।

इसके साथ ओडिशा कारोबार सुगमता के लिये सुधारों को लागू कर अतिरिक्त उधारी की सुविधा हासिल करने वाले छह अन्य राज्यों…आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना की श्रेणी में आ गया है। इन राज्यों ने सुधारों को क्रियान्वित करते हुए कारोबार सुगमता को बढ़ाया।

इन सातों राज्यों को 20,888 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी गयी है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ओडिशा वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा निर्धारित कारोबार सुगमता से जुड़े सुधारों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाला देश का सातवां राज्य बन गया है। इससे राज्य खुले बाजार से कर्ज के रूप में 1,429 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के लिये पात्र हो गया है।’’

देश में निवेश अनुकूल व्यपार परिवेश में कारोबार सुगमता महत्वपूर्ण संकेतक है। सरकार ने मई में राज्यों को अतिरिक्त कोष जुटाने के लिये कर्ज की मंजूरी दी थी। इसमें से कुछ राशि सुधारों को लागू करने के शर्तों से जुड़ी थी।

कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से निपटने के लिये संसाधनों की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने मई में राज्यों की कर्ज सीमा राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2 प्रतिशत बढ़ा दी थी

इस विशेष सुविधा में से आधा हिस्सा जुटाने की मंजूरी इस शर्त पर निर्भर थी कि राज्य नागरिक केंद्रित सुधारों…एक देश-एक राशन कार्ड प्रणाली, कारोबार सुगमता सुधारों, शहरी स्थानीय निकाय/जन उपयोगी सेवाओं और बिजली क्षेत्र में सुधारों को पूरा करें।

अबतक 10 राज्यों ने एक देश-एक राशन कार्ड प्रणाली, सात राज्यों ने कारोबार सुगमता से जुड़े सुधारों और दो ने स्थानीय निकायों से जुड़े सुधारों को लागू किया है।

मंत्रालय के अनुसार केंद्र ने अबतक इन सुधारों को लागू करने वाले राज्यों को कुल 51,682 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज की अनुमति दी है।

भाषा रमण अजय

अजय


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