एनबीएफसी के स्वर्ण आभूषण ऋण में जून महीने 69 प्रतिशत की वृद्धि: आरबीआई आंकड़ा

एनबीएफसी के स्वर्ण आभूषण ऋण में जून महीने 69 प्रतिशत की वृद्धि: आरबीआई आंकड़ा

एनबीएफसी के स्वर्ण आभूषण ऋण में जून महीने 69 प्रतिशत की वृद्धि: आरबीआई आंकड़ा
Modified Date: August 7, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: August 7, 2026 8:37 pm IST

मुंबई, सात अगस्त (भाषा) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का स्वर्ण आभूषण पर दिया गया कर्ज जून में 69 प्रतिशत उछलकर 3.42 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह एक साल पहले 2.02 लाख करोड़ रुपये था और कर्ज से जुड़े सभी बड़े खंडों में यह सबसे तेज बढ़ोतरी है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

जून 2024 में यह आंकड़ा 1.44 लाख करोड़ रुपये था।

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की कुल कर्ज वृद्धि में खुदरा ऋण प्रमुख चालक बना रहा। जून 2026 में खुदरा ऋण में सालाना आधार पर 20.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह वृद्धि 14.3 प्रतिशत थी।

खुदरा कर्ज श्रेणी में आवास ऋण, वाहन ऋण और सोने के आभूषण गिरवी रखकर दिए जाने वाले ऋण में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे उपभोक्ता ऋण की रफ्तार बनी रही।

वहीं, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए दिए गए ऋण में जून 2026 में सालाना आधार पर 17.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5.1 प्रतिशत थी।

हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि धीमी पड़ी। जून 2026 में इसमें 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले यह 10.3 प्रतिशत थी। इसकी मुख्य वजह बुनियादी ढांचा क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में सुस्ती रही, जिसका औद्योगिक ऋण में सबसे बड़ा हिस्सा है।

इसी तरह, सेवा क्षेत्र को एनबीएफसी द्वारा दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि भी घटकर 17.6 प्रतिशत रह गई, जो जून 2025 में 22.4 प्रतिशत थी। मुख्य रूप से व्यापार और परिवहन क्षेत्र के परिचालकों को दिए जाने वाले ऋण में धीमी वृद्धि के कारण सेवा क्षेत्र के कर्ज में वृद्धि कम रही। हालांकि वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र में ऋण वृद्धि मजबूत बनी रही।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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