सरसों में सुधार से बाकी तेल-तिलहन के दाम मजबूत

सरसों में सुधार से बाकी तेल-तिलहन के दाम मजबूत

सरसों में सुधार से बाकी तेल-तिलहन के दाम मजबूत
Modified Date: March 26, 2026 / 06:35 pm IST
Published Date: March 26, 2026 6:35 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) किसानों की ओर से कम आवक और बड़ी तेल मिलों द्वारा सरसों के दाम 200-300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाये जाने के बाद सरसों तेल-तिलहन कीमतों में आई तेजी के असर से देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत हो गये। सामान्य कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव स्थिर रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में 3.30 बजे लगभग 1.75 प्रतिशत की तेजी थी। शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात लगभग 2.5 प्रतिशत की तेजी थी और फिलहाल भी यहां सुधार जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि किसान मंडियों में रोक-रोक कर अपना माल ला रहे हैं। सरसों की आवक 10 लाख बोरी से भी घटकर लगभग आठ लाख बोरी रह गई है जबकि सूरजमुखी, सोयाबीन, पामोलीन से सस्ता होने की वजह से सरसों तेल की मांग बढ़ रही है। आयातित खाद्य तेलों के मुकाबले सरसों का दाम 5-7 रुपये किलो सस्ता है। इन हालात में सरसों तेल-तिलहन में मजबूती देखी गई।

सरसों की तेजी का असर और ’इन तेलों के दाम विदेशों में भी मजबूत होने के परिणामस्वरूप सोयाबीन तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन और बिनौला तेल के दाम में भी मजबूती रही।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के दोपहर में मजबूत होने तथा सोयाबीन से लगभग 10 रुपये सस्ता होने के कारण पामोलीन तेल की भी मांग बढ़ने से पाम-पामोलीन तेल के दाम में सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन की ओर देखें तो पाते हैं कि एक ओर तो मार्च में इसका आयात कम हुआ है। आगे भी आयात कम रहने के आसार हैं। मुख्यत: मध्य प्रदेश में तेल संयंत्रों को सोयाबीन की कम आवक का सामना करना पड़ रहा है। शादी-विवाह के लिए हल्के नरम तेल (सॉफ्ट आयल) में सोयाबीन की मांग है। कम आयात की स्थिति और किसानों की ओर से नपे तुले ढंग से आवक लाने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन में भी मजबूती रही। सोयाबीन का आयात करने में भी सामान्य तौर पर डेढ़ से दो महीने का समय लगता है जिसे देखते हुए आगे कुछ समय तक इसकी कमी बने रहने की संभावना है। दूसरी ओर, मांग बढ़ने से बिनौला तेल के दाम भी मजबूत रहे।

उन्होंने कहा कि ऊंचे दाम के कारण सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,000-7,025 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,175-7,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,350 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,735-3,035 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,445-2,545 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,445-2,590 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,650-5,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,250-5,400 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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