मत्स्यपालन क्षेत्र में केसीसी मछुआरों को कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद करेगा

मत्स्यपालन क्षेत्र में केसीसी मछुआरों को कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद करेगा

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  • Publish Date - December 24, 2021 / 08:27 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:54 PM IST

नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि मत्स्यपालन क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सुविधा से मछुआरों और किसानों को उनकी कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत मत्स्य पालन विभाग ने बृहस्पतिवार को मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर राष्ट्रव्यापी अभियान पर एक वेबिनार का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ) के सचिव जतींद्र नाथ स्वैन ने की और इसमें 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

अपने उद्घाटन भाषण में स्वैन ने मात्स्यिकी क्षेत्र की पृष्ठभूमि और विविधता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र में केसीसी की सुविधा मछुआरों और किसानों को उनकी कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने का एक प्रयास है। इसका उद्देश्य सभी किसानों को पर्याप्त और समय पर ऋण सहायता उपलब्ध कराना है।

स्वैन ने कहा कि यह अभियान 15 नवंबर 2021 से 15 फरवरी 2022 तक आयोजित किया जा रहा है।

सागर मेहरा, संयुक्त सचिव (अंतर्देशीय मत्स्य पालन), ने कहा कि विभाग भारत में अंतर्देशीय और समुद्री दोनों क्षेत्रों में जलीय कृषि और मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने और विस्तार करने के प्रयास कर रहा है।

बयान में कहा गया है कि केसीसी सुविधा के विस्तार का उद्देश्य मछली किसानों और मछुआरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय