भारत, जर्मनी के बीच सीमित हवाई यातायात से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो रहा : लुफ्थांसा सीईओ

भारत, जर्मनी के बीच सीमित हवाई यातायात से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो रहा : लुफ्थांसा सीईओ

Edited By: , October 4, 2021 / 01:17 PM IST

Lufthansa CEO on Air traffic of India and Germany

बोस्टन (अमेरिका), चार अक्टूबर (भाषा) वैश्विक विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लुफ्थांसा समूह के सीईओ कार्सटेन स्पोहर ने रविवार को यहां कहा कि भारत और जर्मनी के बीच हवाई यातायात सीमित करने से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं तथा लुफ्थांसा समूह भारत सरकार से दोनों देशों के बीच और उड़ानों की मंजूरी मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने इस समय लुफ्थांसा को भारत से जर्मनी के लिए सिर्फ 10 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करने की मंजूरी दी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सितंबर 2020 में एयरलाइन पर यातायात के ‘असमान वितरण’ का लाभार्थी होने का आरोप लगाने के बाद ऐसा किया था।

स्पोहर ने यहां इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएशन (आईएटीए) की 77वीं वार्षिक आम बैठक के पहले दिन मीडिया से कहा, ‘पहली चीज जो हमें चाहिए वह अभी (भारत और जर्मनी के बीच), और यातायात है, पहले की तरह ‘आसमान खोल’ देना चाहिए, क्योंकि मुझे लगता है, अभी, हम पर्याप्त यात्रियों को आने-जाने की मंजूरी ना देकर भारत और जर्मनी की अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को रोक रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचा रहा है क्योंकि दोनों अर्थव्यवस्थाएं आयात और निर्यात पर निर्भर हैं।’

स्पोहर ने कहा कि जर्मनी और स्विट्जरलैंड की सरकारें ‘अतिरिक्त उड़ानों’ के लिए भारत सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रही हैं।

आईएटीए के सदस्यों में दुनिया भर की लगभग 290 एयरलाइन शामिल हैं, और इन सदस्यों का वैश्विक हवाई यातायात में 82 प्रतिशत हिस्सा है।

स्पोहर ने साथ ही कहा कि वर्तमान में, भारत और स्विट्जरलैंड के बीच कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित नहीं हो रही हैं और उम्मीद जतायी कि दोनों देशों के बीच सेवाएं जल्द ही फिर से शुरू हो जाएंगी।

जर्मनी का लुफ्थांसा समूह स्विस, लुफ्थांसा और ऑस्ट्रियन एयरलाइंस सहित विभिन्न यूरोपीय एयरलाइन ब्रांड के साथ विमानन सेवाएं प्रदान करता है।

कोविड-19 महामारी के कारण भारत में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें 23 मार्च, 2020 से निलंबित हैं।

हालांकि, जर्मनी सहित लगभग 28 देशों के साथ भारत ने ‘एयर बबल’ व्यवस्था के तहत विशेष उड़ानों की अनुमति दी है।

भाषा प्रणव मनीषा

मनीषा