शहरी गैस वितरण में मेघा इंजीनियरिंग को 15, अडाणी टोटल को 14 लाइसेंस

शहरी गैस वितरण में मेघा इंजीनियरिंग को 15, अडाणी टोटल को 14 लाइसेंस

Edited By: , January 14, 2022 / 09:04 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (एमईआईएल) को सीएनजी स्टेशन लगाने और पाइप के जरिये रसोई गैस की आपूर्ति के सर्वाधिक 15 लाइसेंस जबकि फ्रांसीसी कंपनी के साथ बने अडाणी समूह के संयुक्त उद्यम को 14 लाइसेंस मिलेंगे।

शहरी गैस वितरण (सीजीडी) निविदा के 11वें दौर के लिए लगी बोलियां खुलने के बाद आए नतीजों के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के पास नौ लाइसेंस जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के हिस्से में छह लाइसेंस आए हैं।

इसी तरह असम गैस कंपनी तीन लाइसेंस पाने में सफल रही है जबकि दिनेश इंजीनियर्स लिमिटेड ने चार भौगोलिक क्षेत्रों में गैस वितरण के अधिकार हासिल किए है।

इनके अलावा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), थिंक गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, आईआरएम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और शोलागैस्को प्राइवेट लिमिटेड के भी हिस्से में एक-एक लाइसेंस मिलने वाले हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियमाक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहरी गैस वितरण के 11वें दौर के लिए लगाई गई बोलियां खोली जा चुकी हैं और शुरुआती विजेताओं के नाम सामने आ चुके हैं। हालांकि बोलीकर्ताओें की तरफ से पेश कागजात की पुष्टि के बाद अगले कुछ दिनों में ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।

इस दौर की निविदा में 65 भौगोलिक क्षेत्रों की पेशकश की गई थी जिनमें से 61 क्षेत्रों के लिए बोलियां मिलीं। आईओसी ने 53 क्षेत्रों के लिए बोलियां लगाई थीं जबकि अडाणी टोटल गैस लिमिटेड ने 52 क्षेत्रों के लिए दावेदारी पेश की थी।

अडाणी समूह ने पहले आईओसी के साथ ही एक शहरी गैस वितरण उद्यम बनाया था लेकिन बाद में उसने टोटल के साथ गठजोड़ कर लिया। इस दौर की निविदा में अडाणी और आईओसी ने मिलकर कोई भी बोली नहीं लगाई थी।

इस दौर में जम्मू, नागपुर, पठानकोट और मदुरै समेत 65 इलाकों के लिए बोलियां आमंत्रित की गई थीं। लेकिन छत्तीसगढ़ के चार इलाकों के लिए एक भी बोली नहीं आई।

एमईआईएल को लगाई गई बोलियों के अनुपात में 24.6 फीसदी सफलता मिली है जबकि अडाणी टोटाल गैस लिमिटेड की सफलता दर 23 फीसदी रही है। आईओसी के मामले में कामयाबी की दर 14.8 फीसदी और बीपीसीएल के लिए यह 9.8 फीसदी रही है। टॉरेंट गैस एक भी क्षेत्र में बोली नहीं जीत पाई है।

पीएनजीआरबी ने पिछले महीने कहा था कि इन नए भौगोलिक क्षेत्रों में शहरी गैस वितरण का ढांचा खड़ा करने में करीब 80,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। ये इलाके 19 राज्यों के 215 जिलों में स्थित हैं।

भाषा

प्रेम रमण

रमण