पश्चिम एशिया संकट: यूएई, सऊदी अरब को इंजीनियरिंग निर्यात मार्च में घटा

पश्चिम एशिया संकट: यूएई, सऊदी अरब को इंजीनियरिंग निर्यात मार्च में घटा

पश्चिम एशिया संकट: यूएई, सऊदी अरब को इंजीनियरिंग निर्यात मार्च में घटा
Modified Date: April 23, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: April 23, 2026 10:03 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से मार्च में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 66.8 प्रतिशत और सऊदी अरब को 45 प्रतिशत घट गया। ईईपीसी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

आंकड़ों के मुताबिक यूएई को होने वाला निर्यात मार्च में घटकर 23.74 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 71.48 करोड़ डॉलर था। इसी तरह, सऊदी अरब को निर्यात पिछले महीने गिरकर 24.77 करोड़ डॉलर पर आ गया, जो मार्च 2025 में 45.05 करोड़ डॉलर था।

पश्चिम एशिया के प्रमुख बाजारों में इस झटके के बावजूद मार्च के दौरान समग्र इंजीनियरिंग क्षेत्र का निर्यात 1.13 प्रतिशत बढ़कर 10.94 अरब डॉलर रहा। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंजीनियरिंग निर्यात 4.86 प्रतिशत बढ़कर 122.43 अरब डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इसे 250 अरब डॉलर तक ले जाने का है।

रिपोर्ट में कहा गया कि शीर्ष निर्यात गंतव्यों में दूसरे सबसे बड़े बाजार यूएई और चौथे सबसे बड़े बाजार सऊदी अरब को होने वाले निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान क्रमशः 10 प्रतिशत और 13 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत सबसे बड़े उपभोक्ता देश अमेरिका को होने वाला निर्यात इस दौरान दो प्रतिशत बढ़ा।

देश के कुल वस्तु निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 2025-26 में 27.71 प्रतिशत रही, जबकि मार्च 2026 में यह आंकड़ा 28.11 प्रतिशत रहा।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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