एयरलाइन कंपनियों ने कहा, विमान ईंधन की कीमत में आंशिक वृद्धि उद्योग के लिए बड़ी राहत

एयरलाइन कंपनियों ने कहा, विमान ईंधन की कीमत में आंशिक वृद्धि उद्योग के लिए बड़ी राहत

एयरलाइन कंपनियों ने कहा, विमान ईंधन की कीमत में आंशिक वृद्धि उद्योग के लिए बड़ी राहत
Modified Date: April 1, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: April 1, 2026 3:08 pm IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) एयरलाइन कंपनियों ने बुधवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि की गयी है।

स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सरकार की जेट ईंधन की कीमतों में केवल आंशिक वृद्धि की अनुमति देने का निर्णय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है।

उन्होंने बयान में यह भी कहा कि समय पर किये गये इस हस्तक्षेप से हाल के समय के सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक संकट में से एक से निपटने में एयरलाइंस को काफी मदद मिलेगी।

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के परामर्श से घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है।

एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने भी कहा कि एटीएफ की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी।

एयरलाइन ने बयान में कहा, ‘‘वह एक अप्रैल को संशोधित एटीएफ कीमत के परिचालन लागत पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा कर रही है और जल्द ही अपने संशोधित ईंधन शुल्क की घोषणा करेगी।’’

कंपनी ने एटीएफ की कीमतों में भारी वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को काफी हद तक बचाने और 25 प्रतिशत की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए सरकार का आभार जताया है।

एयरलाइन ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति ने विमान ईंधन (एटीएफ) की वैश्विक आपूर्ति को काफी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप इसकी कीमतों में लगातार और तेज वृद्धि हुई है।’’

संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण एयरलाइंस पहले से ही उच्च परिचालन लागत वहन कर रही हैं। इस स्थिति के कारण एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।

भाषा रमण अजय

अजय


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