बिजली (संशोधन) विधेयक के खिलाफ देशभर में बिजलीकर्मियों का विरोध-प्रदर्शन

बिजली (संशोधन) विधेयक के खिलाफ देशभर में बिजलीकर्मियों का विरोध-प्रदर्शन

Edited By: , December 8, 2021 / 07:47 PM IST

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर (भाषा) बिजली (संशोधन) विधेयक, 2021 के खिलाफ बुधवार को देशभर में बिजली कर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

‘ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन’ के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में बिजली (संशोधन) विधेयक, 2021 को संसद में रखने और पारित करने का ऐलान किया है जिसके विरोध में आज बिजली कर्मियों ने देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया है।

दुबे ने कहा कि यदि यह विधेयक वापस नहीं लिया गया और इसे संसद में रखा गया तो उसी दिन 15 लाख बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर कार्यस्थल छोड़कर ‘काम का बहिष्कार’ करेंगे। साथ ही 15 दिसंबर को दिल्ली में जंतर मंतर पर बिजलीकर्मी विशाल विरोध-प्रदर्शन करेंगे।

दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार से मांग की गई है कि बिजली क़ानून में व्यापक बदलाव वाले इस बिल को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय इसे संसद की बिजली मामलों की स्थायी समिति को भेजा जाना चाहिए और समिति के सामने बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए |

उन्होंने कहा कि बिजली कानून, 2003 में उत्पादन का लाइसेंस समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया जिसके चलते देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है। ‘‘अब बिजली (संशोधन) विधेयक, 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है जिससे बिजली वितरण के संपूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस विधेयक में प्राविधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कंपनियां बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण हेतु सरकारी वितरण कंपनी के बुनियादी ढांचे और नेटवर्क इस्तेमाल कर सकेंगी।’’

उन्होंने बताया कि निजी कंपनियां केवल मुनाफे वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ही बिजली देंगी जिससे सरकारी बिजली कंपनी की वित्तीय हालत और खराब हो जाएगी। इस प्रकार नए विधेयक के जरिये सरकार बिजली वितरण का पूरी तरह से निजीकरण करने जा रही है जो किसानों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं के हित में नहीं है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय