अर्थशास्त्रियों की राय, रेपो दर में 0.50 प्रतिशत वृद्धि कर सकता है रिजर्व बैंक |

अर्थशास्त्रियों की राय, रेपो दर में 0.50 प्रतिशत वृद्धि कर सकता है रिजर्व बैंक

अर्थशास्त्रियों की राय, रेपो दर में 0.50 प्रतिशत वृद्धि कर सकता है रिजर्व बैंक

: , September 23, 2022 / 06:46 PM IST

मुंबई, 23 सितंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास मौजूदा हालात में नीतिगत दर में अगले हफ्ते 0.50 प्रतिशत की एक और वृद्धि करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं रह गया है और दिसंबर तक रेपो दर को 6.25 प्रतिशत तक ले जाया जा सकता है। यह बात अर्थशास्त्रियों ने कही।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक 28 सितंबर से शुरू होगी। मौद्रिक नीति समीक्षा 30 सितंबर को पेश की जाएगी।

विभिन्न बैंकों एवं विश्लेषक फर्मों से जुड़े अर्थशास्त्रियों की आम राय है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति निर्धारण समिति (एमपीसी) 30 सितंबर को रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला कर सकती है। ऐसा होने पर रेपो दर बढ़कर 5.90 प्रतिशत हो जाएगी।

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) के समूह मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने एक नोट में कहा कि मौजूदा विदेशी झटकों को देखते हुए रेपो दर में आधा प्रतिशत की वृद्धि होना तय लग रहा है।

उन्होंने कहा, ‘हमारा मत है कि रेपो दर में वृद्धि का दौर इसे 6.25 प्रतिशत तक ले जा सकता है। दिसंबर में होने वाली नीतिगत समीक्षा में इसमें 0.35 प्रतिशत की एक और वृद्धि होने की संभावना है।’

आरबीआई ने बढ़ती हुई मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए गत मई से रेपो दर में वृद्धि का रुख अपनाया हुआ है। इस दौरान रेपो दर चार प्रतिशत से बढ़कर 5.40 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है।

यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने भी रेपो दर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि अगले सप्ताह एमपीसी की बैठक में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने दिसंबर तक रेपो दर के बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो जाने की भी संभावना जताई।

बार्कलेज इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री राहुल बजोरिया ने भी एमपीसी की बैठक में आधा प्रतिशत दर वृद्धि की संभावना जताते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक जिंस कीमतों के ऊंचा रहने की स्थिति में नीतिगत दर बढ़कर 6.75 प्रतिशत तक जा सकती है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने भी कहा विदेशी मुद्रा बाजार में हाल के घटनाक्रम से एमपीसी को ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अन्य बाजारों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए आरबीआई की एमपीसी के सामने नीतिगत दर में वृद्धि के अलावा कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।

गोल्डमैन सैक्स के शांतनु सेनगुप्ता ने भी एमपीसी की आगामी बैठक में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना जताई है जबकि दिसंबर में उन्होंने 0.35 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने अप्रैल 2023 तक रेपो दर के बढ़कर 6.75 प्रतिशत हो जाने की संभावना भी जताई।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

 

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