रियल्टी कंपनियों ने मौद्रिक नीति का स्वागत किया, निम्न ब्याज दर से बिक्री में तेजी की उम्मीद

रियल्टी कंपनियों ने मौद्रिक नीति का स्वागत किया, निम्न ब्याज दर से बिक्री में तेजी की उम्मीद

Edited By: , October 8, 2021 / 04:40 PM IST

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) जमीन-जायदाद के विकास से जुड़े उद्योग ने प्रमुख नीतिगत दर को यथावत रखने के भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे आवास ऋण पर ब्याज की दर ऐतिहासिक रूप से निम्न स्तर पर बनी रहेगी। इससे त्योहारों वाली तिमाही अक्टूबर-दिसंबर में आवास बिक्री 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

रिजर्व बैंक ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में मानक ब्याज दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा। यह लगातार आठवां मौका है जब आरबीआई ने नीतिगत दर के मामले में यथास्थिति बनाये रखी है।

रियल एस्टेट कंपनियों का शीर्ष निकाय क्रेडाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन पटोडिया ने कहा, ‘‘आरबीआई का रेपो दर को 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो को 3.35 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला स्वागतयोग्य है। आर्थिक पुनरुद्धार के संकेत के साथ उदार रुख को बनाये रखना सही दिशा में दिया गया संदेश है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘त्योहार आने के साथ मुद्रास्फीति की स्थिति उम्मीद के मुकाबले बेहतर है तथा आरबीआई के नीतिगत दर को यथावत रखने के निर्णय के साथ हम आवास ऋण को लेकर बैंकों से और समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं। इससे बिक्री को गति मिलेगी।’’

नारेडको-महाराष्ट्र के अध्यक्ष अशोक मोहनानी ने कहा कि आरबीआई के निर्णय का मतलब है कि ब्याज दर अभी कुछ समय और रिकॉर्ड निम्न दर पर बनी रहेगी और यह समय घर खरीदने के लिहाज से बेहतर है।

रियल एस्टेट के क्षेत्र में सेवा देने वाली सीबीआरई के चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका) अंशुमान मैग्जीन ने कहा कि आवास ऋण सस्ता बने रहने से आने वाले महीनों में मकानों की बिक्री बढ़ेगी।

जमीन जायदाद के बारे में परामर्श देने वाली एनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘‘आरबीआई के कदम से मकान खरीदारों के लिये ब्याज दर निम्न स्तर पर बनी रहेगी। इससे त्योहारों के दौरान मकान की मांग और बढ़ेगी। यह ऐसा समय है जब कंपनियों और बैंकों की आकर्षक पेशकश के साथ मकान की मांग बढ़ती है।’’

उन्होंने कहा कि त्योहारों वाली इस तिमाही में मकानों की बिक्री सात प्रमुख शहरों में सालाना आधार पर 2020 की इसी तिमाही के मुकाबले कम-से-कम 35 से 40 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में शीर्ष सात शहरों में करीब 50,900 मकानों की बिक्री हुई थी।

हाउसिंग डॉट कॉम, मकान डॉट कॉम और प्रोपटाइगर डॉट कॉम के समूह मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) विकास वधावन ने कहा, ‘‘आरबीआई के कदम का मतलब है कि आवास ऋण पर ब्याज दरें त्योहारों के दौरान एतिहासिक रूप से निचले स्तर पर बनी रहेंगी। जो कि आवास क्षेत्र के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट कंपनियों के त्योहारों के दौरान पेशकश के साथ कम ब्याज दरें इस तिमाही में बड़ी मात्रा में मांग को गति देंगी। हम सभी राज्य सरकारों से दिसंबर तक संपत्तियों के पंजीकरण पर स्टाम्प शुल्क कम करने का अनुरोध करते हैं। यह बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकता है।’’

सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘शीर्ष बैंक के निरंतर उदार रुख बहुत सराहनीय है… ग्राहकों को मौजूदा स्थिति का लाभ उठाना चाहिए मगर भविष्य में कच्चे माल की उच्च लागत के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं।’’

सेंट्रल पार्क के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अमरजीत बख्शी ने कहा, ‘‘…रियल एस्टेट में रेपो रेट बनाए रखने से खरीदार की धारणा को बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।’’

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि नीतिगत दर को यथावत रखने का फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कदम त्योहारों के दौरान उठाया गया है। आरबीआई के उदार रुख से बैंक मौजूदा स्तर पर आवास ऋण देना जारी रखेंगे।

360 रियल्टर्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक अंकित कंसल ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति में किसी भी वृद्धि पर लगाम लगाने के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि सरकार और केंद्रीय बैंक की प्रमुख प्राथमिकता है। इसलिए, अपरिवर्तित रेपो दर दर की उम्मीद थी…इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलने की उम्मीद है।’’

भाषा

रमण अजय

अजय